अगरतला, 6 नवंबर (आईएएनएस)। राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (एनसीएससी) के अध्यक्ष पी.एल. पुनिया ने यहां शुक्रवार को कहा कि राजग सरकार के सत्ता में आने के बाद से देश में ‘असहिष्णुता’ बढ़ी है, इस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को प्रतिक्रिया करनी चाहिए।
पुनिया ने संवाददाताओं से कहा, “केंद्र में भाजपा नेतृत्व वाली राजग सरकार के सत्ता में आने के बाद, बड़े पैमाने पर असहिष्णुता भड़क उठी है। प्रधानमंत्री अब भी इस मुद्दे पर चुप हैं।”
उन्होंने कहा, “देश के विभिन्न भागों में समाज के कमजोर वर्गों के खिलाफ असहिष्णुता और हिंसा की कई घटनाएं हुईं, लेकिन मोदी चुप रहे।”
पुनिया के नेतृत्व में एनसीएससी का दल, अनुसूचित जाति के लोगों के लिए राज्य सरकार के कार्यक्रम और योजनाओं का अध्ययन करने के लिए तीन दिवसीय दौरे पर गुरुवार को त्रिपुरा पहुंचा है।
पुनिया ने कहा कि लेखक, वैज्ञानिक, कवि, कलाकार, और बुद्धिजीवी बढ़ती असहिष्णुता के खिलाफ अपने पुरस्कार लौटा रहे हैं।
पुनिया ने कहा, “भाजपा के लोगों ने आरोप लगाया है कि विरोध कर रहे बुद्धिजीवी कांग्रेस के लोग है। यह अनुचित है। मोदी को देश में असहिष्णुता की गंभीर स्थितियों के खिलाफ अपना मुंह खोलना चाहिए।”
उन्होंने कहा, “देश में असहिष्णुता की इस तरह की घटनाएं पहले कभी नहीं घटीं। इस तरह की असहिष्णुता की घटनाएं पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के शासनकाल में कभी नहीं घटीं।”
इस बीच, अगरतला में शुक्रवार को देश में कथित तौर पर बढ़ती असहिष्णुता और बांग्लादेश में ब्लॉगर्स और प्रकाशकों की हत्या के खिलाफ लेखकों, कवियों और कलाकारों ने एक रैली निकाली।
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