यू थेन सेन ने देश के 69वें यूनियन दिवस के अवसर पर दिए अपने संदेश में यह आह्वान किया।
उन्होंने कहा, “देश के भविष्य को आकार देने के लिए नई सरकार को प्रशासनिक कामकाज सौंपने का काम जारी है।”
उन्होंने कहा कि सर्वाधिक महत्वपूर्ण बात राष्ट्रीय एकता को मजबूत करना है।
उन्होंने कहा कि बीते साल 15 अक्टूबर को सरकार, संसद, सशस्त्र बलों और आठ सशस्त्र जातीय समूहों के नेताओं ने देशव्यापी संघर्ष विराम का समझौता किया था। इसने देश को शांति की राह पर ले जाने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई।
उन्होंने कहा कि जिन समूहों ने शांति समझौते पर दस्तखत नहीं किए हैं, उनके लिए दरवाजे आज भी खुले हुए हैं।
12 फरवरी 1947 को जनरल आंग सान के नेतृत्व में म्यांमार की सभी राष्ट्रीयताओं ने शान प्रांत में पांगलोंग सम्मेलन किया था। इसमें देश की आजादी का ऐलान करने वाले पांगलोंग समझौते पर दस्तखत किए गए थे।
इसी दिन की याद में 12 फरवरी को म्यांमार यूनियन दिवस के रूप में मनाया जाता है।
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