सियोल, 1 फरवरी (आईएएनएस)। म्यांमार मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र की विशेष प्रतिवेदक ने गुरुवार को इन आरोपों को फिर दोहराया कि ‘म्यांमार की सेना द्वारा रोहिंग्या मुसलमानों की हत्या नरसंहार की बानगी है।’
समाचार एंजेसी एफे के मुताबिक, सियोल में एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान यांगी ली ने इस संकट पर चर्चा करने के लिए बांग्लादेश और क्षेत्र के अन्य हिस्सों में शरणार्थी शिविरों का दौरा करने के अनुभव को बताया।
पिछले साल 25 अगस्त को विद्रोहियों द्वारा सरकारी चौकियों पर हमला किए जाने के जवाब में म्यांमार की सेना द्वारा शुरू किए गए आक्रामक अभियान के चलते रखाइन प्रांत से कम से कम 688,000 रोहिंग्या मुसलमान पड़ोसी देश बांग्लादेश पलायन कर चुके हैं।
ली ने कहा, “म्यांमार की कार्रवाई मानवता के खिलाफ अपराध जैसी थी।”
उन्होंने कहा, “ये नरसंहार की बानगी का हिस्सा हैं।”
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