नेपेडा, 20 नवंबर (आईएएनएस)। म्यांमार ने सरकार और आठ सशस्त्र जातीय समूहों के बीच 15 अक्टूबर को हुए राष्ट्रव्यापी संघर्ष विराम समझौते (एनसीए) के क्रियान्वयन के क्रम में एक संघ स्तरीय संयुक्त संघर्षविराम निगरानी समिति (जेसीएमसी) गठित की है।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, सरकार की यूनियन पीस मेकिंग वर्क कमेटी (यूपीडब्ल्यूसी) ने कहा कि लेफ्टिनेंट जनरल यार पई के नेतृत्व में जेसीएमसी गठित की गई है, जिसमें सरकार और आठ जातीय सशस्त्र समूहों के 10-10 प्रतिनिधि और छह नागरिक प्रतिनिधि शामिल हैं।
म्यांमार, शांति प्रक्रिया के हिस्से के रूप में एक त्रिपक्षीय यूनियन डायलॉग जॉइंट कमेटी (यूपीडीजेसी) भी गठित करने की कोशिश में है, जिसमें सरकार, जातीय सशस्त्र समूहों और राजनीतिक दलों के 16-16 प्रतिनिधि होंगे। इस कमेटी का गठन संवाद के लिए एक प्रारूप का मसौदा तैयार करने के लिए किया जा रहा है।
संघर्ष विराम की शर्तो में तय कार्यक्रम के अनुसार संवाद प्रारूप का मसौदा तैयार करने का काम 14 दिसंबर से पहले शुरू होने की संभावना है और औपचारिक संवाद भी 14 जनवरी, 2016 से पहले शुरू हो सकता है। इसके पहले नई सरकार के लिए शांति प्रक्रिया की बुनियाद रखने हेतु राजनीतिक संवाद प्रारूप पर हस्ताक्षार हो जाएगा।
अपूर्ण शांति प्रक्रिया में सात उन समूहों के हस्ताक्षर कराना शामिल है, जिन्होंने अभी तक इस पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं।
म्यांमार सरकार और 15 में से आठ जातीय सशस्त्र समूहों ने 15 अक्टूबर को एनसीए पर हस्ताक्षर किए थे।
दोनों पक्ष एनसीए पर औपचारिक हस्ताक्षर होने के 60 दिनों के भीतर एक राजनीतिक प्रारूप तैयार करने और 90 दिनों के भीतर राजनीतिक संवाद शुरू करने को तैयार हैं।
dharmpath.com dharmpath