जेनेवा, 9 सितम्बर (आईएएनएस)। अंतर्राष्ट्रीय रेड क्रॉस समिति (आईसीआरसी) ने कहा है कि उनके कर्मचारियों ने म्यांमार और बांग्लादेश में शरणार्थी संकट में मदद के अपने प्रयास तेज कर दिए हैं।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, आईसीआरसी ने शुक्रवार को कहा कि संस्था उन परिवारों को लेकर गंभीर रूप से चिंतित है, जो 25 अगस्त से म्यांमार में जारी हिंसा से भाग कर बांग्लादेश में पनाह ले रहे हैं।
आईसीआरसी के एशिया और प्रशांत क्षेत्र के क्षेत्रीय निदेशक बोरिस माइकल ने कहा,”इस हिसा से प्रभावित सभी समुदाय कष्ट झेल रहे हैं।”
आईसीआरसी ने कहा कि उन्होंने इस हफ्ते से हिसा के बाद घर से भागे करीब आठ हजार परिवारों को भोजन-पानी की आपूर्ति शुरू कर दी है। ये परिवार म्यांमार और बांग्लादेश सीमा के दोनों तरफ मौजूद हैं।
बांग्लादेशी चिकित्सकों और अर्धचिकित्सकों वाले आईसीआरसी समर्थित एक सचल स्वास्थ्य दल को बांग्लादेश के इन क्षेत्रों में भेज दिया गया है।
आईसीआरसी ने शुक्रवार को जारी एक बयान में कहा, “आईसीआरसी म्यांमार रेड क्रॉस सोसायटी (एनआरसीएस), बांग्लादेश रेड क्रीसेंट सोसायटी (बीडीआरसीएस), और सामुदायिक स्वयंसेवकों के साथ मिलकर नजदीकी तौर पर इस आपात स्थिति में काम कर रही है।”
दुनिया में नागरिकता विहीन एक सबसे बड़े समुदाय रोहिंग्या के लोग बांग्लादेश की तरफ झुंड में पलायन कर रहे हैं, और राखिने राज्य में एक छद्म आतंकवादी समूह और म्यांमारी सेना के बीच जारी हिंसा से खुद को बचाने की कोशिश कर रहे हैं।
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