बावरिया क्षेत्र के एक अधिकारी ने बताया कि हमलावर 18 वर्षीय डेविड अली सोनबोली दक्षिणी जर्मनी के विन्नेडेन कस्बे में 2009 में हुई गोलीबारी के बाद वहां गया था और उसके बाद से ही वह इस हमले की तैयारी कर रहा था।
जर्मनी के अधिकारियों के मुताबिक, ओलम्पिया शॉपिंग सेंटर पर हमला करने से पहले हमलावर ने गोलीबारी को लेकर खूब खोज-परख की थी।
बावरिया के आंतरिक मामलों के मंत्री जोएकिम हर्मेन के अनुसार, उसने अपने कंप्यूटर में नॉर्वे के एक हमलावर के मैनिफेस्टो की एक प्रति सेव कर रखी थी।
पुलिस की ओर से जारी एक वक्तव्य के अनुसार, हमलावर ‘ईगो-शूटर’ वीडियो गेम नियमित खेलता रहता था, जिसमें खुलेआम जनता पर गोलीबारी की जाती है।
जर्मनी के अभियोजक ने बताया कि हमलावर ने हमले में इस्तेमाल पिस्तौल डार्क वेब के जरिए हासिल की थी, जिसे एक्सेस करने के लिए एक विशेष सॉफ्टवेयर की जरूरत पड़ती है।
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