नई दिल्ली, 26 अप्रैल (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को आकाशवाणी पर हर महीने प्रसारित होने वाले ‘मन की बात’ कार्यक्रम में भारत की सेवा भाव संस्कृति की सराहनी की और कहा कि यमन में भारत द्वारा चलाए गए बचाव अभियान की पूरी दुनिया ने सराहना की।
मोदी ने कहा, “मैं पिछले दिनों विदेश में जहां भी गया एक बात के लिए बहुत बधाइयां मिलीं। और वो था यमन में हमने दुनिया के 48 देशों के नागरिकों को बचाया। उसके कारण दुनिया में भारत का यह सेवा परमोधर्म इसकी अनुभूति विश्व ने की।”
मोदी ने कहा, “भारत सेवा परमोधर्म को चरितार्थ करता रहा है।”
उन्होंने कहा, “हमारा विदेश मंत्रालय, हमारी वायु सेना, हमारी नौसेना, इतने धैर्य के साथ, इतनी जिम्मेवारी के साथ इस काम को किया है। दुनिया में इसकी अमिट छाप रहेगी आने वाले दिनों में। मुझे खुशी है कि कोई भी नुकसान के बिना लोग बचकर भारत आए।”
प्रधानमंत्री ने अपनी फ्रांस यात्रा के दौरान प्रथम विश्व युद्ध के शहीदों के लिए बने स्मारक के दौरे की भी यादें ताजा कीं और कहा कि प्रथम विश्व युद्ध में भारत के करीब 15 लाख जवानों ने अपनी जान की बाजी लगा दी।
मोदी ने कहा, “यह प्रथम विश्व युद्ध की शताब्दी वर्ष के साथ-साथ भारत के पराक्रम का भी शताब्दी वर्ष है। भारत के वीरों के बलिदान का भी यह शताब्दी वर्ष है।”
मोदी ने कहा, “हिंदुस्तान को किसी देश पर कब्जा नहीं करना था, न हिंदुस्तान को किसी की जमीन लेनी थी। लेकिन भारतीयों ने अद्भुत पराक्रम दिखाया।”
मोदी ने कहा, “इन घटनाओं के देखकर हम दुनिया को कह सकते हैं कि भारत ऐसा देश है जो दुनिया की शांति के लिए, दुनिया के सुख के लिए, विश्व के कल्याण के लिए कुछ न कुछ करता है और जरूरत पड़े तो जान की बाजी भी लगा देता है।”
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