कोच्चि, 2 अप्रैल (आईएएनएस)। राजनीतिक संकट से जूझ रहे युद्धग्रस्त यमन से सुरक्षित निकाले गए 168 भारतीय नागरिक गुरुवार को कोच्चि पहुंचे।
प्रवासी नागरिकों को सुरक्षित अपने देश पहुंचने की खुशी तो है, लेकिन वे अपने भविष्य को लेकर चिंतित भी हैं।
यमन से निकाले गए प्रवासी भारतीयों को लेकर जिबूती से चला भारतीय वायुसेना का यात्री विमान गुरुवार सुबह कोच्चि पहुंचा। इससे पहले यमन से 10 घंटे की जहाज यात्रा कर नागरिक जिबूती पहुंचे थे।
यमन में नर्स का काम करने वाली एक प्रवासी भारतीय ने कहा, “हम अपने परिजनों के पास सुरक्षित पहुंचकर खुश हैं, लेकिन एक बड़ा सवाल यह भी है कि हमारे भविष्य का क्या होगा। हमें रोजगार चाहिए पर पता नहीं हमें कहां से काम मिलेगा, क्योंकि हमें परिवार की देखभाल भी करनी है।”
यमन से कोच्चि पहुंचे प्रवासी भारतीयों में से 24 तमिलनाडू के हैं। तमिलनाडू के मंत्री के. सी. जोसफ, वी. के. इब्राहिम कुंज और के. बाबू लोगों का स्वागत करने हवाईअड्डे पर मौजूद थे।
केरल सरकार ने प्रत्येक को 2,000 रुपये की सहायता राशि दी।
प्रवासी मामलों के राज्य मंत्री जोसफ ने आईएएनएस को बताया कि वे दिल्ली में विदेश मंत्रालय और यमन एवं जिबूती में भारतीय अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार केंद्र पर दबाव बनाएगी कि प्रवासी भारतीयों को सुरक्षित स्वदेश लाने के लिए कूटनीतिक बातचीत सुनिश्चित करें।
उन्होंने यह भी कहा कि उनकी सरकार यमन से वापस आई नर्सो को रोजगार उपलब्ध कराएगी।
जोसफ ने कहा, “2,000 नर्सो को काम दिलाना मुश्किल होगा, लेकिन हमारी सरकार हर संभव प्रयास करेगी।”
dharmpath.com dharmpath