नागपुर (महाराष्ट्र), 23 जुलाई (आईएएनएस)। मुंबई बम कांड में मौत की सजा पाए याकूब मेमन ने कड़ी सुरक्षा के बीच गुरुवार को अपनी पत्नी व बेटी से मुलाकात की।
मेमन की पत्नी रहीन (42), बेटी जुबेदा (21) तथा कुछ अन्य संबंधियों को याकूब से जेल परिसर के अंदर आगंतुक कक्ष में मिलने की इजाजत दी गई थी।
संयोगवश, रहीन मेमन भी 12 मार्च, 1993 को मुंबई में हुए सिलसिलेवार बम विस्फोट में आरोपी थी, लेकिन साल 2006 में टाडा अदालत के न्यायाधीश पी.डी.कोडे ने उसे बरी कर दिया था।
याकूब के चचेरे भाई व विश्वासपात्र रहीम मेमन ने सोमवार को कुछ अन्य संबंधियों के साथ जेल में उससे मुलाकात की थी।
मेमन (53) को नागपुर सेंट्रल जेल में 30 जुलाई की सुबह फांसी दिए जाने की संभावना है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस फांसी दिए जाने से एक दिन पहले 29 जुलाई को विधानसभा में एक बयान देंगे।
सर्वोच्च न्यायालय द्वारा सोमवार को सुधारात्मक याचिका खारिज किए जाने के कुछ घंटों बाद मेमन ने फांसी को आजीवन कारावास में बदलने के लिए महाराष्ट्र के राज्यपाल सी.वी.राव को एक दया याचिका भेजी।
मुंबई की एक अदालत द्वारा 30 जुलाई को फांसी देने के लिए जारी डेथ वारंट को चुनौती देने के लिए गुरुवार को उसने सर्वोच्च न्यायालय का रुख किया।
उसने सर्वोच्च न्यायालय में कहा कि उसने अपनी तरफ से कानूनी प्रक्रिया पूरी भी नहीं की है, और उसका डेथ वारंट जारी कर दिया गया।
पेशे से चार्टर अकाउंटैंट मेमन को मार्च 1993 में मुंबई में हुए सीरियल विस्फोटों के लिए दोषी ठहराया गया है। इस हमले में 257 लोगों की मौत हो गई, जबकि 712 अन्य घायल हो गए।
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