कोलकाता, 10 जनवरी (आईएएनएस)। यादवपुर विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने छात्र संघ चुनाव की अपनी मांग के पक्ष में रविवार को भी कुलपति सुरंजन दास और अन्य शीर्ष अधिकारियों का घेराव जारी रखा, जबकि कुलपित ने कहा कि उनका स्वास्थ्य ठीक नहीं है।
कुलपति ने फोन पर आईएएनएस को बताया, “मैं मधुमेह का मरीज हूं और पिछले 48 घंटों से मैं अपने चैंबर में ही बैठा हुआ हूं। मेरा रक्तचाप अस्थिर है।” इससे पहले एक चिकित्सक को उनके स्वास्थ्य जांच के लिए बुलाया गया था।
पश्चिम बंगाल उच्च शिक्षा विभाग द्वारा जारी एक परामर्श में कहा गया है कि राज्य द्वारा संचालित विश्वविद्यालयों के छात्र संघ चुनावों को विधानसभा चुनाव होने तक स्थगित कर दिया गया है, जिसके बाद विद्यार्थियों ने दास और अन्य शीर्ष अधिकारियों का घेराव किया और वे सभी शुक्रवार से ही विश्वविद्यालय में फंसे हुए हैं।
दास ने सभी विद्यार्थियों से शांतिपूर्ण तरीके से वार्ता की अपील की है।
कुलपति ने कहा, “विश्वविद्यालय प्रशासन और विद्यार्थी परिषद के बीच विवाद नहीं है। हमने उनके रुख से सर्वोच्च प्राधिकार को अवगत करा दिया है। हम विद्यार्थियों से अपील करते हैं कि वे बातचीत में शामिल हों।”
कुलपति, उपकुलपति और कुलसचिव के साथ ही कार्यकारी परिषद के सदस्य पिछली दो रातों से प्रशासनिक भवन अरबिंदो भवन के अंदर ही हैं।
विरोध प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों ने कार्यकारी परिषद के सदस्यों, विद्यार्थी प्रतिनिधियों और बंगाल के राज्यपाल केसरी नाथ त्रिपाठी के बीच त्रिपक्षीय बैठक की मांग की है।
दास ने कहा, “माननीय कुलाधिपति शहर में नहीं हैं। हम उनकी वापसी का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन मुझे ज्ञात नहीं है कि वह कब वापस आएंगे?”
विश्वविद्यालय कार्यकारी परिषद की शनिवार को एक आपात बैठक बुलाई गई, जिसमें विद्यार्थियों को आश्वस्त किया गया कि अगर छात्र संघ के चुनाव 31 जनवरी तक नहीं होते हैं, तो त्रिपाठी को मौजूदा संकट के बारे में सूचना दी जाएगी। हालांकि, इसके बावजूद विद्यार्थियों ने अपना प्रदर्शन जारी रखा।
एक छात्र नेता ने कहा, “यह विश्वविद्यालय एक स्वायत्त संस्था है। इसे अपनी स्वायत्तता पर जोर देते हुए चुनाव का आयोजन करना चाहिए था। न ही कुलपति ने और न ही कुलाधिपति ने इस बात को स्पष्ट किया कि आखिर क्यों वह चुनाव कराने में विफल हो गए।”
छात्र नेता ने कहा, “हमने कुलाधिपति के हस्तक्षेप की मांग की है। 31 जनवरी से पहले चुनाव होने चाहिए। हम चाहते हैं कि कुलाधिपति हमारे साथ सोमवार तक बात कर लें। हमने एक त्रिपक्षीय बैठक की मांग भी की है। ठोस प्रस्ताव पर विश्वविद्यालय के अधिकारियों की प्रतिक्रिया आनी बाकी है।”
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