चंडीगढ़, 6 सितम्बर (आईएएनएस)। भारतीय वायु सेना (आईएएफ) के एक पूर्व पायलट ने साल 1965 में भारत-पाक युद्ध में बहादुरी के लिए मिले वीर चक्र सम्मान को अंबाला में अपनी यूनिट को समर्पित कर दिया।
वह इस पदक को समर्पित करने आस्ट्रेलिया से अंबाला आए।
फ्लाइट लेफ्टिनेंट अल्फ्रेड टाइरोन कुक अब आस्ट्रेलिया में रहते हैं और उन्होंने अपना बहादुरी पुरस्कार अंबाला में स्थित वायु सेना स्टेशन में अपने दल स्क्वाड्रन बुल्स को समर्पित किया।
रक्षा मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने रविवार को यहां कहा, “50 साल पहले 7 सितम्बर 1965 को फ्लाइट लेफ्टिनेंट कुक ने कलइकुंडा के ऊपर हवाई हमले में लड़ाकू विमान साबरे को मार गिराया और एक अन्य विमान को रोका। अपने हॉकर हंटर में उन्होंने अपने साथी के साथ साबरे जेट पर तीन बार हमला किया।”
कुक को कई दुश्मन विमानों को पछाड़ने और कई अन्य को युद्धभूमि छोड़ने पर मजबूर करने के लिए बहादुरी पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
प्रवक्ता ने बताया कि इस समारोह में पश्चिमी वायु कमान से कई अन्य जांबाज, दिग्गज और वरिष्ठ सेना अधिकारी शामिल होंगे।
अंबाला में स्थित वायु सेना स्टेशन ने युद्ध के दौरान वायुसेना के लिए उनके अभियानों में मुख्य भूमिका निभाई है।
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