कीव स्थित प्रजनन चिकित्सा से संबंधित एक निजी क्लीनिक ने यह जानकारी दी है।
नादिया क्लीनिक ने मंगलवार देर शाम जारी एक बयान में कहा कि 34 वर्षीय महिला ने पांच जनवरी को इस बच्चे को जन्म दिया है। यह महिला पूर्व में बांझपन से संबंधित एक ऐसी बीमारी से जूझ रही थी, जिसमें अल्पविकसित भ्रूण नष्ठ हो जाता है।
बयान के अनुसार, चिकित्सकों ने महिला में गर्भाधान के लिए प्रो-न्यूक्लियर ट्रांसफर तकनीक का उपयोग किया था। इस तकनीक के जरिए महिला और उसके पति की प्रजनन कोशिकाओं के नाभिक (न्यूक्लियस) को महिला दाता के स्वस्थ अंडाणु में स्थानांतरित कर दिया गया था।
यूक्रेन और जर्मनी में किए गए चिकित्सा परीक्षणों के अनुसार, बच्चे को 25,000 हजार जीन्स उसके औपचारिक माता-पिता से मिले हैं, जबकि 37 जीन्स दानदाता महिला से प्राप्त हुए हैं।
तीन माता-पिता से जन्मा यह नवजात संभवत: दुनिया का दूसरा बच्चा है। पिछले साल मेक्सिको के एक क्लीनिक में तीन लोगों के डीएनए वाले दुनिया के पहले बच्चे ने जन्म लिया था।
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