कीव, 25 सितम्बर (आईएएनएस)। पूर्वी यूक्रेन में विद्रोहियों द्वारा उनके कब्जे वाले इलाके से संयुक्त राष्ट्र (यूएन) की एजेंसियों को बाहर निकलने के आदेश के बाद संयुक्त राष्ट्र के मानवीय सहायता प्रमुख ने चिंता जताई है।
बीबीसी की एक रपट के मुताबिक, स्टीफेन ओ ब्रायन ने कहा कि एजेंसियों को शुक्रवार तक, जबकि विभिन्न अंतर्राष्ट्रीय गैर सरकारी संगठनों (एनजीओ) को शनिवार तक इलाका छोड़ने के लिए कहा गया है।
उन्होंने यह भी कहा कि संयुक्त राष्ट्र की सभी एजेंसियों का विद्रोहियों के कब्जे वाले दोनेत्स्क इलाके में अभियान बंद हो गया है।
ओ ब्रायन ने अलगाववादियों से अपील की है कि वे लुहांस्क व दोनेत्स्क क्षेत्र में संयुक्त राष्ट्र व अंतर्राष्ट्रीय एनजीओ की गतिविधियों का फिर से शुरू होना सुनिश्चित करें।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि मानवीय सहायता से संबंधित सामानों को लाने पर पाबंदी से 16 हजार टन जरूरी आपूर्ति लोगों तक नहीं पहुंच पाई है।
प्रमुख ने कहा, “अस्पतालों में सर्जरी नहीं हो सकती, क्योंकि बेहोश करने वाली दवाएं नहीं हैं। लगभग 1.5 लाख लोगों तक मासिक खाद्य पदार्थो का वितरण नहीं हो पा रहा है।”
गुरुवार को लुहांस्क क्षेत्र में विद्रोहियों ने उल्लंघन का हवाला देते हुए 11 विदेशी एनजीओ में से 10 को घुसने से रोक दिया।
प्रतिबंध किए गए एक एनजीओ (डॉक्टर्स विदआउट बॉडर्स) पर उन्होंने अवैध रूप से नशीली दवाओं का भंडारण करने का आरोप लगाया है। जबकि एनजीओं ने आरोप का खंडन किया।
रूस समर्थित विद्रोहियों ने लुहांस्क व दोनेत्सक पर पिछले साल कब्जा कर लिया था।
पूर्वी यूक्रेन में अप्रैल 2014 में लड़ाई शुरू होने के बाद से लेकर अब तक लगभग आठ हजार लोगों की मौत हो चुकी है। मार्च 2014 में रूस ने क्रीमिया पर कब्जा कर लिया था।
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