राजस्व विभाग की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक, डिजिटाइज्ड भू-मानचित्रों को वेबसाइट पर अपलोड कर दिया गया है, जिसके माध्यम से ‘भू-नक्शा’ किसी भी व्यक्ति द्वारा सम्पूर्ण गांव के अथवा स्वयं के गाटे एवं खतौनी का विवरण देखा जा सकता है।
राजस्व विभाग ने प्रदेश के राजस्व ग्रामों की सीमाओं पर अवस्थित सीमा की कोडिंग, भौतिक सत्यापन, मरम्मत/पुनस्र्थापना/स्थापना एवं उनके अक्षांश एवं देशान्तर का निर्धारण भी किया है। इसके लिए प्रत्येक ग्राम के सीमा स्तम्भों का 19 अंकों का कोड निर्धारित किया गया है।
यह प्रक्रिया 4 चरणों में पूर्ण कराई जाती है, जिसमें प्रथम चरण में सीमा स्तम्भों की कोडिंग, द्वितीय चरण में भौतिक सत्यापन, तृतीय चरण में क्षतिग्रस्त सीमा स्तम्भों की मरम्मत एवं पुनस्र्थापना का कार्य तथा चतुर्थ चरण में अक्षांश एवं देशांतर का निर्धारण किया जाता है। अब तक 417000 सीमा स्तम्भों की कोडिंग का कार्य किया जा चुका है।
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