येचुरी सर्वसम्मति से माकपा महासचिव निर्वाचित (लीड-3)

हैदराबाद, 22 अप्रैल (आईएएनएस)। मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने रविवार को सर्वसम्मति से अगले तीन साल के लिए सीताराम येचुरी को फिर से अपना महासचिव निर्वाचित किया। येचुरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार को सत्ता से हटाने के लिए कदम उठाने का संकल्प लिया।

माकपा नेता और त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री माणिक सरकार ने यहां पार्टी की 22वीं कांग्रेस के अंतिम दिन उन्हें फिर से निर्वाचित किए जाने की घोषणा की।

सरकार ने कहा कि 65 वर्षीय येचुरी को 95 सदस्यीय नई केंद्रीय समिति ने निर्वाचित किया। पार्टी ने 17 सदस्यीय नए पोलित ब्यूरो को भी चुना। तपन सेन और निलोत्पल बसु पोलित ब्यूरो में नए चेहरे हैं।

सरकार ने आईएएनएस को बताया, “येचुरी को सर्वसम्मति से निर्वाचित किया गया। इस पद के लिए कोई दूसरा उम्मीदवार नहीं था।”

येचुरी ने 1974 में माकपा की छात्र शाखा में शामिल होकर अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत की थी। उन्हें पहली बार 2015 में माकपा महासचिव चुना गया था।

चेन्नई में जन्मे येचुरी ने दिल्ली के जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय से अपनी पढ़ाई पूरी की। दिल्ली में उन्होंने अपनी जिंदगी का अधिकतर समय बिताया है।

आम चुनाव से एक साल पहले पार्टी के शीर्ष पद पर फिर से चुने जाने पर येचुरी ने कहा कि माकपा का पहला लक्ष्य भाजपा-आरएसएस सरकार को सत्ता से बेदखल करना है।

उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी आक्रमक नव उदारवाद को प्रमुखता से चुनौती दे रही है जिसे मोदी सरकार और आरएसएस-भाजपा द्वारा संयुक्त रूप से बड़ी तेजी से फैलाया जा रहा है।

देश भर से इकठ्ठा हुए प्रतिनिधियों की तालियों की गड़गड़ाहट के बीच उन्होंने कहा, “हम देश और समूचे विश्व से यह घोषणा कर रहे हैं कि हम इन सांप्रदायिक ताकतों को भारत की धर्मनिरपेक्ष लोकतांत्रिक नींव को उखाड़ने की इजाजत नहीं देंगे और भारत हमेशा एक रहेगा।”

उन्होंने कहा कि वह इस पद की विशाल जिम्मेदारी को पूरा करने के लिए अपनी क्षमता का सर्वश्रेष्ठ देने का प्रयास करेंगे।

उन्होंने कहा, “अगर पार्टी की इस 22वीं कांग्रेस से कोई एक संदेश जाना है तो वह यही है कि माकपा एकजुट होकर उभरी है और पार्टी सत्तारूढ़ वर्गों की नीतियों के खिलाफ वैकल्पिक नीति ढांचे को बनाने के क्रांतिकारी कार्य को जारी रखने के लिए दृढ़प्रतिज्ञ है।”

उन्होंने कहा कि पार्टी निश्चित रूप से भारत की किस्मत को बदलने का मार्ग तैयार करेगी।

उन्होंने कहा, “भारत को बेहतर बनाने के लिए हम अपने देश की रक्षा में तीव्र संघर्ष और हमारे लोगों के हितों में एक नए मार्ग की शुरुआत कर रहे हैं। हमारा वर्तमान में मुख्य लक्ष्य भाजपानीत सरकार को हराना है। पार्टी कांग्रेस द्वारा तय सभी जरूरी उपाय अपनाए जा रहे हैं।”

येचुरी ने कहा कि पार्टी भारत को अमेरिकी साम्राज्यवाद का छोटा या स्थानापन्न साझोदार नहीं बनने देगी।

पांच दिवसीय सम्मेलन में येचुरी गुट और पूर्व महासचिव प्रकाश करात गुट राजनीतिक प्रस्ताव के मसौदे में संशोधन के लिए सहमत हो गए।

कांग्रेस पार्टी के साथ राजनीतिक गठबंधन को खारिज करते हुए प्रस्ताव में यह स्पष्ट किया गया है कि माकपा कांग्रेस के साथ तालमेल के लिए तैयार है। प्रस्ताव में इस बात पर जोर दिया गया है कि उसका पहला और बड़ा लक्ष्य भारतीय जनता पार्टी को हराना है।

नव निर्वाचित केंद्रीय समिति में 20 नए सदस्य हैं। इनमें से 19 के नाम की घोषणा की गई है जबकि एक सीट महिला के लिए खाली छोड़ी गई है। पार्टी ने स्थायी आमंत्रितगण के रूप में राजिंदर नेगी और संजय पराटे के नाम की घोषणा की है। छह विशेष आमंत्रितगण हैं वी.एस. अच्युतानन्दन, मल्लु स्वराज्यम, मदन घोष, पलोली मोहम्मद कुट्टी और ए.पी. रमैया और के. वरजराजन।

पांच सदस्यीय केंद्रीय नियंत्रण आयोग की अध्यक्षता बासुदेव आचार्य करेंगे। इसके सदस्य हैं पी.राजेंद्रन, एस. श्रीधर, जी. रामुलु और बोनानी बिस्वास।

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