बेंगलुरू, 31 मई (आईएएनएस)। भारतीय हॉकी टीम की रक्षापंक्ति में सुधार की जरूरत पर जोर देते हुए टीम के मुख्य कोच रोएलांट ओल्टमेंस ने मंगलवार को कहा कि पी.आर. श्रीजेश के नेतृत्व वाली टीम के 10 जून से लंदन में शुरू हो रही चैम्पियंस ट्रॉफी में पदक जीतने की संभावना है।
भारतीय टीम चैम्पियंस ट्रॉफी में अपना पहला मैच 10 जून को जर्मनी के खिलाफ खेलेगी। इसके बाद वह 11 जून को ब्रिटेन से भिड़ेगी। 13 जून को उसका सामना बेल्जियम और 14 जून को उसका सामना दक्षिण कोरिया से होगा। 15 जून को टीम आस्ट्रेलिया से भिड़ेगी।
ओल्टमेंस ने एक बयान में कहा, “इस टूर्नामेंट में टीम की सफलता रक्षापंक्ति पर निर्भर केरगी। कई बार आप ज्यादा गोल कर के मैच नहीं जीतते हो बल्कि दूसरी टीम के गोल रोक कर मैच जीतते हो।”
उन्होंने कहा, “सभी जानते हैं कि हम नॉक आउट दौर में अच्छा खेलते हैं, लेकिन इस साल चैम्पियंस ट्रॉफी काफी अलग है। हमें फाइनल में जगह बनाने के लिए शीर्ष दो में पहुंचने की जरूरत होगी और कांस्य पदक हासिल करने के लिए अंतिम चार में पहुंचना होगा। यह देखना रोचक होगा कि खिलाड़ी इस परिस्थिति से कैसे सामना करते हैं। हमारी कोशिश शीर्ष तीन में जगह बनाने की होगी।”
शीर्ष टीमों का उदाहरण देते हुए ओल्टमेंस ने कहा कि भारतीय खिलाड़ियों को अपनी रक्षापंक्ति पर काम करने की जरूत है।
उन्होंने कहा, “जर्मनी की टीम अपनी मजबूत रक्षापंक्ति के लिए जानी जाती है, जबकि आस्ट्रेलिया टीम की रक्षापंक्ति थोड़ी अलग है। अर्जेटीना भी अपनी रक्षापंक्ति पर काफी हद तक निर्भर है, इसी के कारण वह विश्व कप में कांस्य पदक जीत पाए। हमारी पूरी टीम को इस पर काम करने की जरूरत है। हमारे कुछ आक्रमणकर्ता अच्छा बचाव करते हैं यह हमारे लिए अच्छी बात है।”
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