उन्होंने कहा कि याग्निक ने देश और दुनिया की सामाजिक-आर्थिक समस्याओं पर अपने चिंतन प्रधान आलेखों के जरिए समाज को नए ²ष्टिकोण के साथ सोचने और समझने के लिए प्रेरित किया। उनके निधन से देश ने एक सजग, सक्रिय पत्रकार और लेखक को हमेशा के लिए खो दिया है।
दैनिक भास्कर के समूह संपादक कल्पेश याग्निक का निधन गुरुवार की रात इंदौर (मध्यप्रदेश) के एक अस्पताल में हो गया।
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