कागमे ने राष्ट्रीय समाचार चैनल पर प्रसारित अपने संदेश में कहा, “आपने मुझे 2017 के चुनाव में दोबारा लड़ने का आग्रह किया। मैं आपके द्वारा दिए गए महत्व और सलाह को सिर्फ स्वीकार कर सकता हूं।”
राष्ट्रीय चुनाव आयोग के मुताबिक, पिछले साल हुए जनमत संग्रह में 98.3 प्रतिशत रवांडावासियों ने संविधान में संशोधन के पक्ष में मत दिया था।
अमेरिका और यूरोपीय संघ ने रवांडा के संविधान में फेरबदल की आलोचना करते हुए कागमे से राष्ट्रपति पद के कार्यकाल की सीमाओं का सम्मान करने का आग्रह किया है।
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