नई दिल्ली, 11 अगस्त (आईएएनएस)। केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह विदेशियों की घुसपैठ का जायजा लेने के लिए बांग्लादेश की सीमा से लगे असम के इलाकों का दौरा करेंगे।
राजनाथ सिंह ने राजधानी में आल असम स्टूडेंट यूनियन (आसू) द्वारा आयोजित एक संगोष्ठी में यह जानकारी दी। संगोष्ठी का विषय ‘असम समझौते के 30 साल: मुद्दे, चुनौतियां और अमल’ था।
गृह मंत्री ने कहा, “इसी महीने, 15 के बाद और 30 तारीख से पहले मैं असम के बांग्लादेश सीमा के इलाकों में जाऊंगा और हालात का जायजा लूंगा।”
आसू का एक प्रतिनिधिमंडल भी राजनाथ सिंह के साथ दौरे पर जाएगा।
राजनाथ ने कहा कि सरकार असम समझौते पर पूरी तरह से अमल के लिए हर उपाय करेगी। इस समझौते पर 15 अगस्त, 1985 को केंद्र, असम सरकार, आसू और असम गण परिषद ने दस्तखत किए थे। इसके साथ ही विदेशियों की घुसपैठ के खिलाफ छह साल से चल रहा आंदोलन खत्म हो गया था।
राजनाथ ने असम आंदोलन में शहीद होने वालों को याद करते हुए कहा, “मैं आपकी सभी वाजिब मांगों से वाकिफ हूं। मैं आपको भरोसा दिलाना चाहता हूं कि भारत में सिर्फ भारतीय ही रहेंगे। हमें देखना होगा कि किसी भी तरह की खामी के बगैर मूल निवासियों के अधिकारों को सुरक्षित रखने के लिए कौन से कदम उठाए जाएं।”
उन्होंने कहा कि आसू के साथ विचार विमर्श कर उन मुद्दों को तलाशा जाएगा जो इस समझौते पर पूरी तरह से अमल की राह में बाधक बन रहे हैं।
संगोष्ठी में युवा और खेल मामलों के मंत्री और पूर्व आसू अध्यक्ष सर्बनंदा सोनोवाल भी मौजूद थे। उन्होंने राजनाथ सिंह से खास तौर से करीमगंज और धुबरी में घुसपैठ को रोकने की अपील की।
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