राजनाथ जम्मू पहुचें, ‘स्मार्ट फेंसिंग’ का उद्घाटन करेंगे (लीड-2)

जम्मू, 17 सितंबर (आईएएनएस)। केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह सरहद की निगरानी के लिए दो ‘स्मार्ट फेंसिंग’ पायलट परियोजना के उद्घाटन के लिए सोमवार को जम्मू एवं कश्मीर पहुंच गए।

इन परियोजनाओं को कम्प्रेहेंसिव इंटीग्रेटिड बॉर्डर मैनेजमेंट सिस्टम (सीआईबीएमएस) कार्यक्रम के तहत शुरू किया गया है।

मुख्य सचिव बी.वी.आर सुब्रमण्यम, पुलिस प्रमुख दिलबाग सिंह, जम्मू के विभागीय आयुक्त संजीव वर्मा, जम्मू के महानिरीक्षक एस.डी.सिंह जामवाल के साथ सीमा सुरक्षा बल के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने राजनाथ सिंह का हवाईअड्डे पर स्वागत किया।

हवाईअड्डे से राजनाथ सिंह बीएसएफ के पलौरा मुख्यालय रवाना हो गए, जहां वह जवानों को संबोधित करेंगे।

इसके बाद राजनाथ मढ़ विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र में अंतर्राष्ट्रीय सीमा (आईबी) के पास मकोवल का दौरा करेंगे, जहां वह स्वच्छ भारत अभियान में भाग लेंगे।

राजनाथ ने रवाना होने से पहले ट्वीट कर कहा,”जम्मू के एक दिवसीय दौरे के लिए रवाना हो रहा हूं। सीआईबीएमएस के तहत जम्मू सेक्टर में दो पायलट परियोजना का उद्घाटन और अंतर्राष्ट्रीय सीमा के निकट की अग्रिम इलाकों का दौरा करूंगा।”

इन स्मार्ट फेंसिंग परियोजनाओं को जम्मू में अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर 5.5 किलोमीटर क्षेत्र में तैयार गया है। यह अपनी तरह की पहली हाईटेक निगरानी प्रणाली होगी, जो जमीन, पानी, हवा और भूमिगत स्तर पर एक अदृश्य इलेक्ट्रॉनिक दीवार का काम करेगी, जिससे सीमा सुरक्षाबल (बीएसएफ) के जवानों को अत्यधिक दुर्गम क्षेत्रों में घुसपैठ रोकने में मदद मिलेगी।

सीआईबीएमएस के तहत अत्याधुनिक सर्विलांस टेक्नोलॉजी, थर्मल इमेजर्स, इन्फ्रारेड और लेजर आधारित घुसैपठ अलार्म हैं, जो एक अदृश्य जमीनी चारदीवारी की तरह काम करेंगे। हवाई निगरानी के लिए एयरोस्टेट, सुरंगों के जरिए घुसपैठ का पता लगाने में मदद के लिए ग्राउंड सेंसर, पानी के रास्ते सेंसर युक्त सोनार सिस्टम, जमीन पर ऑप्टिकल फाइबर सेंसर हैं।

गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि यह कार्यक्रम सीमा प्रबंधन प्रणाली को ज्यादा मजबूत बनाता है, जो मानव संसाधन के साथ आधुनिक प्रौद्योगिकी को जोड़कर काम करेगा।

अधिकारी ने कहा,”इंटीग्रेटेड बॉर्डर मैनेजमेंट सिस्टम पर आधारित यह आभासी बाड़ भारत में अपनी तरह की पहली परियोजना होगी।”

अधिकारी ने कहा कि सीआईबीएमएस को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि दुर्गम क्षेत्रों और रिवराइन सीमाओं पर जवानों की गैरमौजूदगी में यह घुसपैठ को रोकने में मदद करेगी।

About admin


Notice: ob_end_flush(): Failed to send buffer of zlib output compression (0) in /home4/dharmrcw/public_html/wp-includes/functions.php on line 5493