नई दिल्ली, 26 मई (आईएएनएस)। केंद्र सरकार ने भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर रघुराम राजन को दूसरा कार्यकाल विस्तार देने के बारे में फिलहाल स्पष्ट रुख नहीं अपनाया है।
केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इस बारे में फिलहाल कुछ भी कहने से इनकार किया है। मोदी सरकार के दो साल पूरे होने के अवसर पर वाणिज्य और उद्योग मंत्री निर्मला सीतारमन की एक प्रस्तुति देने के बाद संवाददाताओं ने जब जेटली से इस बारे में सवाल किया तो उन्होंने कुछ भी स्पष्ट जानकारी देने से इनकार कर दिया।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) मनोनीत राज्यसभा सदस्य सुब्रमण्यम स्वामी ने एक सप्ताह पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखकर राजन को दूसरा कार्यकाल नहीं देने का सुझाव दिया था।
स्वामी ने कई अन्य मुद्दे उठाने के अलावा राजन के विरुद्ध ब्याज दर बढ़ाने और शरियत के अनुरूप निवेश को मंजूरी देने पर आपत्ति जताई थी।
यह पूछने पर कि क्या राजन पर फैसला लेने के लिए सरकार के अंदर विस्तार से चर्चा किए जाने की जरूरत है, जेटली ने कहा कि इसकी जरूरत है। उन्होंने सरकार द्वारा कोई भी फैसला लिए जाने के लिए कोई समय सीमा बताने से इनकार कर दिया। राजन का कार्यकाल तीन सितंबर को समाप्त हो रहा है। उन्हें संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार ने आरबीआई का गवर्नर नियुक्त किया था।
स्वामी ने राजन के विरुद्ध कहा कि उनकी नीतियों के कारण विनिर्माण क्षेत्र पर बुरा असर पड़ा है, क्योंकि जब ब्याज दर घटाने की जरूरत थी, तब उन्होंने बढ़ा दी थी। उन्होंने कहा कि इससे देश में एक छोटी-मोटी मंदी की स्थिति पैदा हो गई। उन्होंने यह भी कहा था कि राजन ने देश में असहिष्णुता का माहौल बनाने के लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराकर भाजपा का अपमान किया है।
भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने बुधवार को स्वामी के हमले को पार्टी के रुख से अलग करार देते हुए कहा कि वह राजन पर पार्टी की सोच को व्यक्त नहीं कर रहे हैं।
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