जयपुर, 2 फरवरी (आईएएनएस)। राजस्थान में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने राज्य की दो लोकसभा सीटों और एक विधानसभा सीट पर हुई हार की समीक्षा के लिए शुक्रवार को बैठक की। पार्टी को अजमेर और अलवर लोकसभा सीटों और मंडलगढ़ विधानसभा सीट पर कांग्रेस के हाथों हार का सामना करना पड़ा है।
मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे भी इस बैठक में शामिल हुईं। बैठक में भाजपा के राज्य प्रभारी चंद्रशेखरन, भाजपा के राज्य अध्यक्ष अशोक परनामी और पार्टी के अन्य नेता उपस्थित थे।
भाजपा के एक सूत्र ने बताया कि इस बैठक में हार की समीक्षा करने के अलावा इस वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए विस्तृत रणनीतिक योजना पर चर्चा हुई।
पार्टी सूत्रों ने बताया कि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने राजस्थान के कुछ नेताओं से भाजपा की शर्मनाक हार का फीडबैक जानने के संबंध में बात की है।
एक सूत्र ने बताया, “इस बात की भी संभावना है कि राज्य में पार्टी नेतृत्व को बदला जाए।”
भाजपा पिछले चार वर्षो से यहां सत्ता में है और वह यहां हुए आठ विधानसभा सीटों के लिए उपचुनाव में से केवल दो पर जीत दर्ज करने में सफल रही है।
अलवर, अजमेर में भाजपा के सांसद और मंडलगढ़ में विधायक के निधन के बाद उपचुनाव कराए गए थे। चुनाव परिणाम गुरुवार को घोषित किए गए। वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में, कांग्रेस राजस्थान में एक भी सीट जीतने में कामयाब नहीं हुई थी।
कांग्रेस सूत्रों के अनुसार, “कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत शुक्रवार को संभवत: कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात करने के लिए दिल्ली में हैं और राहुल ने कांग्रेस की जीत के लिए गहलोत को बधाई भी दी।”
सूत्रों के अनुसार, “जैसे ही वह राज्य वापस लौटेंगे, पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव की रणनीति बनाने पर चर्चा करेगी।”
प्रियंका गांधी ने अपने फेसबुक पेज पर भी गहलोत की तारीफ की और कहा कि गहलोत लोगों का विश्लेषण करने में सही थे। उन्होंने पहले ही कहा था कि इस बार यह खेल एकतरफा होगा।
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