राजस्थान : संविधान की पांचवीं अनुसूची के तहत अनुसूचित क्षेत्र का हुआ विस्तार

जयपुर, 25 अप्रैल (आईएएनएस)। राजस्थान सरकार के सतत प्रयासों से केन्द्रीय मंत्रीमण्डल द्वारा संविधान की पांचवीं अनुसूची के तहत राजस्थान राज्य के अनुसूचित क्षेत्र के विस्तार के प्रस्तावों का अनुमोदन गुरुवार को किया गया। नवीन अनुसूचित क्षेत्र को सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं एवं संविधान की पांचवीं अनुसूची के तहत प्राप्त सुरक्षा लाभ भी प्राप्त हो सकेंगे।

जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री नन्दलाल मीणा के अनुसार राज्य में भारत सरकार की अधिसूचना दिनांक 12.02.1981 से अनुसूचित क्षेत्र घोषित किया गया था जिसके अनुसार राज्य के अनुसूचित क्षेत्र में कुल पांच जिले क्रमश बांसवाड़ा (सम्पूर्ण जिला), डूंगरपुर (सम्पूर्ण जिला), उदयपुर (आंशिक), प्रतापगढ़ (सम्पूर्ण जिला, तहसील छोटीसादड़ी के अतिरिक्त) एवं सिरोही (केवल पंचायत समिति आबूरोड) शामिल हैं।

अनुसूचित क्षेत्र से लगते हुए क्षेत्र, जो कि अनुसूचित क्षेत्र. के रूप में घोषित किए जाने के निर्धारित मानदण्ड की पूर्ति करते हैं, को भी अनुसूचित क्षेत्र में शामिल कराये जाने की मांग लम्बे समय से संबंधित क्षेत्र के जनप्रतिनिधिगण एवं निवासियों द्वारा की जा रही थी। जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग द्वारा अनुसूचित क्षेत्र के विस्तार के प्रस्ताव तैयार कर राज्य मंत्री मण्डल के समक्ष प्रस्तुत किए।

अनुसूचित क्षेत्र के विस्तार के प्रस्तावों के अनुमोदन से राज्य के कुल 663 गांव एवं तीन नगरपालिका क्षेत्र क्रमश: उदयपुर जिले की 5 तहसीलों के 342 गांव, राजसमन्द जिले की 2 तहसीलो के 31 गांव, चित्तौड़गढ़ जिले की बडी सादड़ी तहसील के 51 गांव, प्रतापगढ़ जिले की सम्पूर्ण छोटी सादड़ी तहसील के 155 गांव एवं एक नगर पालिका, पाली जिले की बाली तहसील के 33 गांव, सिरोही जिले की पिण्डवाड़ा तहसील के 51 गांव एवं आबूरोड, माउण्ट आबू नगरपालिका क्षेत्र को अनुसूचित क्षेत्र में अतिरिक्त शामिल किया गया है।

केन्द्रीय मंत्रीमण्डल के अनुमोदन के बाद राज्य के अनुसूचित क्षेत्र में बांसवाड़ा, डूंगरपुर एवं प्रतापगढ़ संपूर्ण जिला तथा उदयपुर, राजसमंद, चित्तौड़गढ़, पाली व सिरोही जिलो की 9 सम्पूर्ण तहसील एवं एक सम्पूर्ण पंचायत समिति एवं 46 सम्पूर्ण ग्राम पंचायत के कुल 227 गांव शामिल हैं। अनुसूचित क्षेत्र के विस्तार की अधिसूचना महामहिम राष्ट्रपति द्वारा अतिशीघ्र जारी की जायेगी।

केन्द्रीय मंत्रीमण्डल के अनुमोदन के पश्चात अनुसूचित क्षेत्र में बांसवाड़ा, डूंगरपुर व प्रतापगढ़ सम्पूर्ण जिला शामिल होगा जिसमें बांसवाड़ा के 1513 गांव और दो नगर पालिका, डूंगरपुर के 976 गांव व दो नगर पालिका तथा प्रतापगढ़ के 1003 गांव व दो नगर पालिका क्षेत्र शामिल हैं।

इसी प्रकार उदयपुर जिले की कोटड़ा तहसील के 262 गांव, झाड़ोल के 283, लसाड़िया के 114, सलूम्बर के 268 गांव व एक नगर पालिका क्षेत्र, सराड़ा के 191, खेरवाड़ा के 195, ऋषभदेव के 125, गोगुन्दा के 237, गिर्वा तहसील (आंशिक) के 218, बड़गांव (आंशिक) के 35, मावली (आंशिक) के चार, वल्लभनगर आंशिक के 22 गांव शामिल हैं।

सिरोही जिले के आबूरोड तहसील क्षेत्र के 85 गांव व दो नगर पालिका, पिण्डवाड़ा (आंशिक) के 51 गांव, राजसमंद जिले के कुंभलगढ़ (आंशिक) के 16 तथा नाथद्वारा (आंशिक) के 15 गांव, चित्तौड़गढ़ जिले के बड़ी सादड़ी (आंशिक) के 51 गांव एवं पाली जिले के बाली (आंशिक) तहसील के 33 गांव अनुसूचित क्षेत्र में आ रहे हैं।

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