जयपुर- मध्य प्रदेश और राजस्थान में बच्चों की रहस्यमयी मौतों से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। अब तक कई मासूम बच्चों की जान जा चुकी है और लगभाग सभी मामलों में एक जैसी स्थिति सामने आई है। सभी बच्चों की किडनी फेल होने से मौत होने की बात कही जा रही है। राजस्थान के सीकर में दो बच्चों की मौत जिस दवा के कारण होने की आशंका है उसे लेकर बड़ा खुलासा हुआ है।
दरअसल, जो कफ सिरप पीकर बच्चों की मौत हुई है, उसे बनाने वाली कंपनी केसॉन के सैंपल 2 साल में 40 बार फेल हुए हैं। यह कई बार ब्लैकलिस्टेड भी की जा चुकी है। फिर भी सरकारी विभागों से साठ-गांठ कर ये कंपनी वापस दवाएं सप्लाई करने लगती है। इसी सांठगांठ का नतीजा है कि राजस्थान सरकार फ्री में जो दवा बांट रही है, वो लोगों के लिए मौत का सामान बनती जा रही है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक साल 2020 में भीलवाड़ा में केसॉन कंपनी के कफ सिरप के सैंपल फेल हुए थे। इसके बाद सीकर में 4, भरतपुर में 2, अजमेर में 7, उदयपुर में 17, जयपुर और बांसवाड़ा में 2-2 और जोधपुर में 1 सैंपल फेल हुआ था। इसके बाद केसॉन कंपनी पर कार्रवाई की गई। उसे ब्लैकलिस्ट भी किया गया। लेकिन राज्य सरकार के ड्रग कंट्रोलर विभाग और फ्री मेडिसिन स्कीम के लिए दवाएं खरीदने वाले आरएमएससीएल (Rajasthan Medical Services Corporation Limited) से साठ-गांठ कर कंपनी फिर से टेंडर में शामिल हो जाती है।
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