जयपुर, 20 जून (आईएएनएस)। शिवचरण (82) की 10वीं पास करने की उम्मीद एक बार फिर तब टूट गई, जब राजस्थान बोर्ड के घोषित परीक्षा परिणाम में वह 47वीं बार फेल हो गए हैं।
जयपुर, 20 जून (आईएएनएस)। शिवचरण (82) की 10वीं पास करने की उम्मीद एक बार फिर तब टूट गई, जब राजस्थान बोर्ड के घोषित परीक्षा परिणाम में वह 47वीं बार फेल हो गए हैं।
राजस्थान बोर्ड की माध्यमिक परीक्षा के परिणाम रविवार शाम घोषित किए गए, और इसके साथ ही शिवचरण की शादी करने की आशा भी टूटकर चकनाचूर हो गई।
बहरोर कस्बे के कोहारी गांव के निवासी शिवचरण को शिओजीराम और पप्पू के नाम से भी जाना जाता है। वह पिछले 47 वर्षो से लगातार परीक्षा में बैठ रहे हैं।
युवावस्था में उन्होंने संकल्प लिया था कि परीक्षा पास करने के बाद ही शादी करेंगे।
शिवचरण ने सोमवार को आईएएनएस से कहा, “जबतक मैं जिंदा हूं परीक्षा देते रहूंगा।”
शिवचरण इस समय एक मंदिर में रहते हैं और वह पूरी तरह राज्य सरकार द्वार मिलने वाले वृद्धावस्था पेंशन पर आश्रित हैं।
उन्होंने कहा, “यह सिर्फ परीक्षा ही पास करना नहीं है, बल्कि इसके बाद मेरे पास शादी का मौका भी है।”
अधिक उम्र के कारण उनकी दृष्टि, श्रवण शक्ति कमजोर हो गई है, और उन्हें चलने भी दिक्कत होती है, लेकिन परीक्षा पास करने की उनकी जिद अभी भी जस का तस बनी हुई है।
उन्होंने कहा, “1995 में मैं सिर्फ गणित को छोड़कर बाकी सभी विषयों में पास हो गया था।”
लेकिन इस बार वह किसी भी विषय में पास नहीं हो पाए। कुछ विषयों में तो उन्हें शून्य अंक मिले हैं।
शिवचरण ने बोर्ड की पहली परीक्षा 1969 में दी थी। उसके बाद से परीक्षा पास करना उनके जीवन का मुख्य लक्ष्य बन गया है।
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