कोट्टायम (केरल), 30 दिसम्बर (आईएएनएस)। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने बुधवार को भावनाओं से भरे एक भाषण में अपने पति पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत राजीव गांधी के आलोचकों को जमकर आड़े हाथ लिया। उनके निशाने पर वे आलोचक थे जो राजीव गांधी के सूचना प्रौद्योगिकी और दूरसंचार के क्षेत्र में किए गए कामों की आलोचना किया करते थे।
कोट्टायम (केरल), 30 दिसम्बर (आईएएनएस)। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने बुधवार को भावनाओं से भरे एक भाषण में अपने पति पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत राजीव गांधी के आलोचकों को जमकर आड़े हाथ लिया। उनके निशाने पर वे आलोचक थे जो राजीव गांधी के सूचना प्रौद्योगिकी और दूरसंचार के क्षेत्र में किए गए कामों की आलोचना किया करते थे।
सोनिया ने कहा, “उन्हें (राजीव को) आईटी और दूरसंचार क्षेत्र में क्रांति लाने पर उच्च वर्गवादी बताया गया और उनकी तीखी आलोचना की गई, मजाक उड़ाया गया। लेकिन, वह अपने इरादे पर कायम रहे। और, आज वही लोग जो कल तक उनकी आलोचना कर रहे थे, उनकी विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं।”
सोनिया ने राजीव गांधी इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलॉजी में ये बातें कहीं। यह सरकारी संस्थान राज्य के अग्रणी इंजीनियरिंग कालेजों में से एक है। सोनिया ने कहा, “राजीव गांधी ने भारत को आईटी और दूरसंचार के घेरे में ला दिया और आज हम इस क्षेत्र के बड़े खिलाड़ी माने जा रहे हैं।”
भाषण में एक वक्त ऐसा आया जब सोनिया की आवाज अटकने लगी लेकिन उन्होंने जल्द ही भावनाओं पर काबू पाया और भाषण मुकम्मल किया।
इस संस्थान की स्थापना मुख्यमंत्री ओमान चांडी ने अपने विधानसभा क्षेत्र में 1991 में तब की थी जब वह राज्य के वित्त मंत्री थे। यह राजीव गांधी के नाम पर बना देश का पहला संस्थान था।
चांडी ने भाजपा की केरल इकाई के अध्यक्ष कुम्मानेम राजशेखरन की इस आलोचना का जवाब दिया कि सोनिया महज एक सांसद हैं, इसलिए उन्हें किसी सरकारी समारोह के उद्घाटन के लिए बुलाना प्रोटोकाल का उल्लंघन है। चांडी ने कहा कि यह केरल के लोगों की लंबे समय से इच्छा थी कि सोनिया को केरल बुलाया जाए। आज जो हुआ है, वह लोगों की इच्छा की जीत है।
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