भोपाल, 6 जून (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश में होने वाले राज्यसभा चुनाव के मद्देनजर कांग्रेस ने अपने विधायकों की गोलबंदी शुरू कर दी है। सोमवार को मतदान के प्रशिक्षण के नाम पर बुलाए गए कार्यक्रम में 57 में से 52 विधायक पहुंचे। तीन ने पत्र लिखकर अपनी मजबूरी जाहिर की। वहीं दो को लेकर संशय बना हुआ है।
भोपाल, 6 जून (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश में होने वाले राज्यसभा चुनाव के मद्देनजर कांग्रेस ने अपने विधायकों की गोलबंदी शुरू कर दी है। सोमवार को मतदान के प्रशिक्षण के नाम पर बुलाए गए कार्यक्रम में 57 में से 52 विधायक पहुंचे। तीन ने पत्र लिखकर अपनी मजबूरी जाहिर की। वहीं दो को लेकर संशय बना हुआ है।
कांग्रेस के प्रदेश कार्यालय में सोमवार को पार्टी के प्रदेश प्रभारी मोहन प्रकाश, महासचिव दिग्विजय सिंह, वरिष्ठ नेता कमलनाथ, सांसद कांतिलाल भूरिया और प्रदेशाध्यक्ष अरुण यादव की मौजूदगी में मतदान के प्रशिक्षण के लिए बैठक बुलाई गई। इस बैठक में पार्टी के 57 में से 52 विधायक पहुंचे। दो विधायक बीमारी व एक जेल में होने के कारण बैठक में नहीं आए, वहीं दो को लेकर पार्टी में संशय बना हुआ है कि कहीं वे मतदान में कांग्रेस को दगा न कर जाएं।
ज्ञात हो कि राज्य से राज्यसभा के तीन सदस्यों का निर्वाचन होना है, एक उम्मीदवार की जीत के लिए 58 विधायकों का समर्थन आवश्यक है। राज्य विधानसभा में कुल 230 विधायक हैं, इनमें से भाजपा के 166 विधायक (विधानसभाध्यक्ष सहित) हैं। भाजपा के पास 166 विधायक हैं, इस तरह उसके दो सदस्यों अनिल माधव दवे व एम.जे. अकबर की जीत तय है और तीसरी सीट जीतने के लिए उसे आठ विधायकों के समर्थन की जरूरत है, वहीं कांग्रेस के पास 57 विधायक है और उसे एक वोट की जरूरत है। बसपा ने तन्खा को समर्थन देकर उनकी स्थिति को और मजबूत कर दिया है, मगर चिंता अब भी बनी हुई है क्योंकि भाजपा कांग्रेस में सेंधमारी कर निर्दलीय उम्मीदवार को जिताने की जुगत में लगी है।
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