राज-पंचक का आरम्भ,किये जा सकते हैं शुभ कार्य

भोपाल-सोमवार 25 अप्रैल से पंचक शुरू हो गए हैं। सोमवार से शुरू होने वाले पंचक को ‘राज पंचक’ की संज्ञा दी जाती है। राज पंचक को ज्योतिषीय दृष्टि से शुभ माना गया है। राज पंचक में शुभ कार्य भी किए जा सकते हैं। तो वहीं इस बीच तीन ग्रह अपनी राशि परिवर्तन करेंगे। जिसका असर मौसम में दिखाई देगा। आने वाले दिनों में प्रदेश के कुछ जिलों में जहां करीब नौ दिनों तक सूर्य तीखे तेवर दिखाएंगे, तो वहीं कुछ जिलों में बारिश हो सकती है। इसके अलावा व्यापार मै उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं। तो वहीं कोरोना के मामलों में एकाएक तेजी आ सकती है।

सोमवार को सुबह 5:30 से पंचक शुरू हो गए, जो 29 अप्रैल शुक्रवार को शाम 6:45 पर समाप्त होगी। भारतीय ज्योतिष में तिथि, करण, योग, वार, नक्षत्र इन सभी की विशेष भूमिका होती है। इन सभी के परस्पर मिलन से मुहूर्त का निर्माण किया जाता है। कुछ मुहूर्त शुभ माने जाते हैं। जिसमें सभी प्रकार के कार्य किए जा सकते हैं। तो कुछ मुहूर्त अशुभता की श्रेणी में भी आते हैं। सनातन धर्म के अनुसार कोई भी शुभ कार्य शुभ समय और मुहूर्त देखकर ही किया जाता है, जिससे वह कार्य हमेशा सफल हो और उसमें वृद्धि हो। पंचक काल को हिंदू धर्म-ज्योतिष में बहुत महत्व दिया गया है। कोई भी शुभ काम करने से पहले पंचक काल जरूर देखा जाता है, क्योंकि इनमें शुभ काम करने की मनाही की गई है।  पंचक को अशुभ माना जाता है। इस दौरान कुछ ऐसे विशेष कार्य हैं, जिन्हें करना वर्जित माना जाता है। लेकिन राज पंचक धन-संपत्ति संबंधी कार्यों के लिए शुभ रहेंगे।

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