पणजी, 28 मार्च (आईएएनएस)। रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर ने सोमवार को स्वीकार किया कि राफेल सौदे की रफ्तार बेहद धीमी है और इसकी कीमत कम कराने के लिए मोलभाव का प्रयास किया जा रहा है।
गोवा में चल रहे डिफेंस एक्सपो में एक संवाददाता सम्मेलन में पर्रिकर ने कहा, “राफेल सौदे को लेकर हम निश्चित तौर पर बेहद गंभीर हैं। हालांकि इस बात से मैं सहमत हूं कि सौदे की गति पर्याप्त नहीं है और जल्द से जल्द इसे पूर्ण होना चाहिए।”
पर्रिकर ने सौदे में रकम को बड़ी बाधा बताते हुए कहा, “हम कम से कम कीमत में सौदा करने का प्रयास कर रहे हैं।”
राफेल बहुद्देश्यीय दो इंजनों वाला लड़ाकू विमान है, जिसका निर्माण फ्रांस के दसॉल्ट एविएशन ने किया है। प्रारंभ में 126 राफेल विमान खरीदने की योजना थी, लेकिन बाद में सरकार ने 36 विमान खरीदने को लेकर एक करार किया।
कहा जा रहा है कि राफेल सौदा कीमतों को लेकर अटक गया है।
भारतीय वायुसेना के पास वर्तमान में 33 ऑपरेशनल स्क्वॉड्रन हैं, जबकि इसकी कुल क्षमता 39.5 स्क्वॉड्रन की है।
भारतीय वायुसेना स्वदेसी तकनीक से विकसित तेजस हल्के लड़ाकू विमान के पहले स्कवॉड्रन के मिलने का इंतजार कर रही है।
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