नई दिल्ली, 27 मई (आईएएनएस)। रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर ने राफेल लड़ाकू विमान की कीमत पर बातचीत करने वाली समिति से रपट मांगी है, क्योंकि भारत दो महीने के अंदर इस सौदे को अंतिम रूप देना चाहता है।
रक्षामंत्री ने आईएएनएस को दिए एक साक्षात्कार में यह भी कहा कि जून-जुलाई के बीच यह सौदा पूरा हो जाएगा, जिसके बाद दो-तीन साल के अंदर राफेल के दो स्क्वाड्रनों को तैनात कर दिया जाएगा। फ्रांस द्वारा बैंक गारंटी पर छूट की मांग के बारे में पूछे जाने पर मंत्री ने कहा कि कोई भी फैसला ‘कानून के तहत’ किया जाएगा।
उन्होंने कहा, “जो भी होगा वह कानून के दायरे में होगा, सरकार के दायरे में होगा और जो अतीत में हुआ है, उसी के अनुसार होगा।”
रपटों के मुताबिक, फ्रांस ने सौदे के लिए भारत की बैंक गारंटी के आवेदन को खारिज कर दिया है और इसके बदले उसने प्रधानमंत्री द्वारा ‘कंफर्ट लेटर’ देने की पेशकश की है।
उन्होंने कहा, “ऐसी अवस्था में मैं समिति को प्रभावित नहीं करना चाहता हूं, जो सौदे पर चर्चा कर रही है। मैंने उनसे इसपर चर्चा करने के लिए और एक रपट देने के लिए कहा है, चाहे चर्चा का परिणाम जो भी हो।”
मंत्री ने कहा, “यदि राफेल सौदा जून-जुलाई में हो जाता है, तो दो-तीन साल के अंदर हमारे पास राफेल का स्क्वाड्रन होगा।”
उन्होंने कहा कि सौदे को लेकर बातचीत अंतिम चरण में है।
उल्लेखनीय है कि फ्रांस से 36 राफेल लड़ाकू विमान खरीदने का समझौता बीते साल अप्रैल में प्रधानमंत्री के पेरिस दौरे के दौरान हुआ था।
सौदे पर फैसला लेने के लिए एक समझौता दल का गठन किया गया था, जो फ्रांस से इस मुद्दे पर बातचीत कर रहा है।
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