रायपुर, 25 अप्रैल (आईएएनएस)। छत्तीसगढ़ की राजधानी में तीन माह बाद एक बार पीलिया का कहर नजर आने लगा है। कुशालपुर के यादवपारा में दो दिन में पीलिया के 12 मरीज मिले हैं। इनमें चार को जिला अस्पताल में भर्ती कराने को कहा गया है। बाकी का इलाज विभिन्न क्लीनिकों में चल रहा है।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पीलिया प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया और संदिग्ध लोगों का ब्लड सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा है। हाल ही में दिल्ली के एक अधिकारी पीलिया प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर लौट चुके हैं, रिपोर्ट आना अभी बाकी है।
सीएमओ के नोडल अधिकारी डॉ. आर.के. चंद्रवंशी के मुताबिक, पीलिया के मरीजों को जिला अस्पताल जाने को कहा गया है। पीलिया के मरीजों में ज्यादातर वे लोग हैं जो बोरवेल का पानी पीते रहे हैं।
सालभर में पीलिया से यहां 29 लोगों की मौत हो चुकी है। कुशालपुर में जहां पीलिया फैला है, वहां के लोग बोर का पानी पी रहे हैं। पानी दूषित होने की आशंका है। मरीजों के रक्त की जांच रिपोर्ट में बिलीरुबिन काफी बढ़ा हुआ मिला है।
इस वर्ष जनवरी में हीरापुर, राजातालाब, लाखेनगर, बैजनाथपारा समेत कुछ इलाकों में पीलिया फैला था। हीरापुर में तीन लोगों की मौत भी हुई थी।
स्वास्थ्य विभाग ने पीलिया प्रभावित इलाकों में शिविर लगाकर लोगों के ब्लड सैंपल की जांच करवाई है। अब तक पीलिया के 2500 से ज्यादा मरीज मिले हैं। इन लोगों के ब्लड में बिलीरुबिन बढ़ा हुआ था।
हाल ही में पंडरी के अनुरागनगर व दुर्गानगर में 105 मरीज मिले हैं। डीडीनगर में 357 व लाखेनगर में 49 लोगों को पीलिया हुआ था। कुशालपुर में एक ही बिल्डिंग में रहने वाले 10 लोगों को पीलिया हुआ था।
dharmpath.com dharmpath