बीजिंग, 21 फरवरी (आईएएनएस/सिन्हुआ)। सीरिया के राष्ट्रपति बशर असद ने कहा है कि उनकी सरकार पांच साल से चले आ रहे गृहयुद्ध में विरोधियों के साथ जंगबंदी के लिए तैयार है। लेकिन, उन्होंने कहा है कि जंगबंदी के इस समझौते से पहले कई बातों को निपटाना होगा।
बीजिंग, 21 फरवरी (आईएएनएस/सिन्हुआ)। सीरिया के राष्ट्रपति बशर असद ने कहा है कि उनकी सरकार पांच साल से चले आ रहे गृहयुद्ध में विरोधियों के साथ जंगबंदी के लिए तैयार है। लेकिन, उन्होंने कहा है कि जंगबंदी के इस समझौते से पहले कई बातों को निपटाना होगा।
सीरिया की सरकारी समाचार सेवा ने हाल में स्पेन के अखबार ‘एल पायस’ के साथ असद की बातचीत का पूरा विवरण दिया है। इसी बातचीत में असद ने कहा कि संघर्ष विराम के लिए वह तैयार हैं लेकिन उनकी यह शर्त है कि ‘यह सुनिश्चित करना होगा कि इसका इस्तेमाल आतंकी अपनी ताकत बढ़ाने के लिए नहीं कर सकें।’ उन्होंने कहा कि संघर्ष विराम का फायदा तुर्की भी सीरिया में ‘आतंकवादियों और हथियारों को भेजकर’ उठा सकता है।
समाचार एजेंसी एफपी को 12 फरवरी को दिए साक्षात्कार के मुकाबले स्पेन के अखबार को दिए गए इस साक्षात्कार में असद की भाषा नरम लग रही है। एएफपी से मुलाकात में असद ने कहा था कि पूरे सीरिया को विद्रोहियों से छुड़ाना उनकी प्राथमिकता है। इसमें इस्लामिक स्टेट और नुसरा फ्रंट के कब्जे वाले इलाके भी शामिल हैं।
विश्लेषकों का मानना है कि असद की भाषा में यह बदलाव संयुक्त राष्ट्र में रूसी राजनयिक विटाली चुरकिन की इस चेतावनी के बाद आया है कि शांति प्रक्रिया में रूस का साथ नहीं देने पर असद को गंभीर नतीजे भुगतने होंगे। रूस, असद का समर्थक देश है।
रूस की यह चेतावनी एक ऐसे समय में आई है जब अमेरिका और रूस सीरिया मसले के हल के लिए नजदीक पहुंचते बताए जा रहे हैं। इंटरनेशनल सीरिया सपोर्ट ग्रुप बनाने वाले ये दोनों देश म्यूनिख में 12 फरवरी को सीरिया में संघर्ष विराम पर राजी हुए थे। इसके बाद से दोनों देश इसके लिए तौर तरीकों को निर्धारित करने में लगे हुए हैं।
शांति प्रक्रिया के लिए चुनौतियां अभी भी पहले की ही तरह बरकरार हैं। क्षेत्र के देशों का रुख इस मामले में काफी महत्व रखता है। अमेरिका को अपने सहयोगी तुर्की और सऊदी अरब को इसके लिए राजी करना आसान नहीं होगा।
तुर्की का कहना है कि इस्लामिक स्टेट से संघर्ष करने वाले सीरिया के कुर्दिश डेमोक्रेटिक यूनियन पार्टी की पीपुल्स प्रोटेक्शन यूनिट के लड़ाकों का संबंध तुर्की की कुर्दिस्तान वर्कर्स पार्टी से है। तुर्की का कहना है कि कुर्दिस्तान वर्कर्स पार्टी आतंकवादी संगठन है।
अमेरिका का कहना है कि उसे ऐसे कोई प्रमाण नहीं मिले हैं जिनसे साबित हो कि पीपुल्स प्रोटेक्शन यूनिट के लड़ाकों का संबंध कुर्दिस्तान वर्कर्स पार्टी से है।
इस बात से तुर्की भड़का हुआ है। तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तय्यप एर्दोगान ने कहा है कि अमेरिका को तय करना होगा कि वह तुर्की के साथ है या आतंकियों के साथ।
उधर सऊदी अरब का कहना है कि वह असद के खिलाफ अपनी सेना सीरिया में उतार सकता है।
ये तमाम बातें सीरिया शांति प्रक्रिया पर काले साए की तरह मंडरा रही हैं। इन्हीं का नतीजा है कि शांति प्रक्रिया शुरू करने के लिए 25 फरवरी से होने वाली संयुक्त राष्ट्र वार्ता को टालना पड़ा है।
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