नई दिल्ली, 3 दिसम्बर (आईएएनएस)। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने रविवार को अन्तर्राष्ट्रीय दिव्यांग दिवस के अवसर पर दिव्यांगों के सशक्तिकरण के लिए यहां राष्ट्रीय पुरस्कार दिए।
राष्ट्रपति भवन की एक विज्ञप्ति के अनुसार, इस अवसर पर राष्ट्रपति ने कहा कि देश का भविष्य इस पर निर्भर करता है कि हम यह सुनिश्चित करें कि सभी नागरिकों में यह योग्यता हो कि वह अपनी पूरी क्षमता का अहसास कर सकें।
कोविंद ने कहा, “इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए, हमें एक संवेदनशील और सामंजस्यपूर्ण समाज बनाना है, जहां हर व्यक्ति सशक्त हो और समाज में संवेदना महसूस करे, जहां एक व्यक्ति को दूसरे का दर्द महसूस हो। देश का संविधान दिव्यांग सहित सभी नागरिकों को समानता, स्वतंत्रता, न्याय और गरिमा की गारंटी देता है।”
उन्होंने कहा, “सरकार ने दिव्यांगों के सशक्तिकरण, समावेश और मुख्यधारा में लाने के लिए कानून लागू किए हैं। किसी भी दिव्यांग का मूल्यांकन उसकी शारीरिक क्षमता से नहीं बल्कि उसकी बुद्धि, ज्ञान और साहस से होना चाहिए।”
राष्ट्रपति ने विजेताओं को बधाई दी और कहा कि उन्हें आशा कि वे नई ऊंचाइयों तक पहुंचने के लिए अन्य दिव्यांगों को प्रेरित करेंगे।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि देश के नागरिक साथी दिव्यांग भारतीयों के प्रति उचित और संवेदनशील दृष्टिकोण के साथ एक नए समावेशी भारत का निर्माण करेंगे।
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