राष्ट्रपति भवन में 14 नवाचार विद्वानों, कलाकारों का नया बैच शामिल

नई दिल्ली, 3 मार्च (आईएएनएस)। राष्ट्रपति भवन के आवासीय कार्यक्रम के अंतर्गत चयनित 10 नवाचार विद्वान, 2 लेखक और 2 कलाकार शुक्रवार से राष्ट्रपति भवन में रहने लगे। यह विद्वान लेखक और कलाकार 18 मार्च तक राष्ट्रपति भवन में ही रहेंगे।

राष्ट्रपति भवन में ठहरने वाले लेखक हैं : गुजरात के साहित्य अकादमी युवा पुरस्कार विजेता अशोक कुमार पी. चावड़ा तथा बांग्ला कवि प्रबल कुमार बसु। बसु को कविताओं की पहली पुस्तक ‘तुमी प्रथम’ के लिए गौरी भट्टाचार्यजी स्मृति पुरस्कार मिला।

इसी तरह कलाकारों में : 50वां महाराष्ट्र राज्य पुरस्कार 2010 के विजेता राहुल, शैलेन्द्र कोकास्ते तथा 2016 का 57वां कला अकादमी पुरस्कार विजेता धीरज यादव शामिल हैं।

राष्ट्रपति भवन में ठहरने वाले नवाचारियों में हरियाणा के सुरजित सिंह (नवाचार : सुरजित बासमती 1 – उच्च पैदावार और नमक सहन करने वाली धान की प्रजाति), नगालैंड के मोआ सुबोंग (नवाचार : बमहुम- 1 नवाचारी पवन संगीतयंत्र), उत्तर प्रदेश के अजय कुमार शर्मा (नवाचार : जैव गैस बोटलिंग के लिए किसान उपयोग अनुकूल कम्प्रेशर), तमिलनाडु के आकाश मनोज (नवाचार : बिना चीरा लगाए धीरे से हुए हार्ट अटैक की स्वयं पहचान), कर्नाटक के गिरीश बद्रागोंद (नवाचार : कम लागत के गढ्ढा खुदाई स्कैनर), गुजरात के मनसुखभाई प्रजापति (नवाचार : चिकनी मिट्टी का रेफ्रीजेटर, नॉनस्टिक चिकनी मिट्टी का तवा और चिकनी मिट्टी का कूकर), राजस्थान के सुभाष ओला (नवाचार : संशोधित दूध बॉयलर), बिहार की शालिनी कुमारी (नवाचार : पैर सुनियोजन सुविधा वाला संशोधित वॉकर), गुजरात के परेश पंचाल (नवाचार : बांस की पट्टी, सुंगधित धूपबत्ती और सुगंधी बनाने वाली मशीन) तथा राजस्थान की संतोष पछार (नवाचार : लक्ष्मणगढ़ चयन : संशोधित गाजर प्रजाति )।

राष्ट्रपति ने आवासीय कार्यक्रम का उद्घाटन 11 दिसंबर, 2013 को किया था। इसका उद्देश्य लोगों की सृजनात्मक और नवाचारी क्षमता को प्रोत्साहित करना तथा गतिविधियों में नागरिकों की अधिक भागीदारी के लिए राष्ट्रपति भवन खोलना है।

About admin


Notice: ob_end_flush(): Failed to send buffer of zlib output compression (0) in /home4/dharmrcw/public_html/wp-includes/functions.php on line 5493