देहरादून, 24 अप्रैल (आईएएनएस)। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को उत्तराखंड स्थित केदारनाथ धाम पहुंचकर भगवान शिव की पूजा-अर्चना की।
उन्होंने गुरुवार रात लिंचौली की एक झोपड़ी में बिताने के बाद वह मंदिर के लिए रवाना हुए और 16 किलोमीटर की चढ़ाई चढ़कर भगवान शिव के दर्शन किए।
पूरी यात्रा के दौरान राहुल गांधी के साथ स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (एसपीजी) के जवान और कांग्रेस नेता जितिन प्रसाद मौजूद रहे। रास्ते में चाय पीने के लिए वह जंगल चट्टी में रुके।
शिव-दर्शन के बाद राहुल ने संवाददाताओं से यहां कहा कि मंदिर दौरे के दौरान उन्हें शांति की अलौकिक अनुभूति हुई।
यह पूछे जाने पर कि उन्होंने क्या मन्नत मांगी, राहुल ने कहा कि उन्होंने ईश्वर से कभी कुछ नहीं मांगा। उन्होंने कहा, “मैं कुछ मांगता नहीं हूं। मगर मुझे मंदिर में अलौकिक अनुभूति हुई।”
राहुल ने कहा कि केदारनाथ मंदिर का दर्शन करने का उनका उद्देश्य उन लोगों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करना था, जिन्होंने साल 2013 में केदारनाथ में बादल फटने के बाद त्रासदी के दौरान अपनी जान गंवा दी थी।
उल्लेखनीय है कि जून 2013 में बादल फटने के बाद आई बाढ़ और भूस्खलन के दौरान चार धाम की यात्रा करने वाले हजारों लोग मारे गए थे।
राहुल ने कहा कि राज्य सरकार ने उन्हें हेलिकॉप्टर से मंदिर पहुंचाने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन त्रासदी में मारे गए लोगों के प्रति सम्मान स्वरूप उन्होंने पैदल चलकर मंदिर पहुंचना उचित समझा।
पुनर्निर्माण प्रक्रिया में कड़ी मेहनत के लिए उन्होंने सेना, सरकारी अधिकारी, पुलिस व स्थानीय लोगों की प्रशंसा की।
कांग्रेस नेता ने राज्य सरकार की प्रशंसा करते हुए कहा कि त्रासदी के बाद सरकार द्वारा किया गया पुनर्निर्माण व पुनर्वास कार्य सराहनीय है।
उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों को प्राकृतिक आपदा के दौरान बचाव प्रयास में मदद के लिए उत्तराखंड सरकार के हेलिपैड निर्माण के विचार का अनुकरण करना चाहिए।
आज (शुक्रवार) सुबह 8.50 बजे मंदिर के कपाट खुले। इस मौके पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत भी मौजूद थे।
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