रियो डी जेनेरियो, 7 अगस्त (आईएएनएस)। हंगरी की एथलीट एमेसे सैस ने रियो ओलम्पिक में महिला व्यक्तिगत ईपी स्पर्धा (तलवारबाजी) के फाइनल में इटली की रोसेला फियामिंगो को हराकर स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया है।
सैस ने 12 साल बाद ओलम्पिक खेलों में एक बार फिर स्वर्ण पदक हासिल किया है। इससे पहले उन्होंने 2004 में एथेंस में हुए ओलम्पिक खेलों में हंगरी की तीमिया नागे को हराकर स्वर्ण पदक जीता था।
समाचार एजेंसी एफे की रिपोर्ट के अनुसार, 33 वर्षीय सैस ने फियामिंगो को 15-13 से मात दी।
इस जीत के साथ ही उन्होंने सूची में शीर्ष पर काबिज ओलम्पिक विजेता रही यूक्रेन की याना शेमियाकिना को पछाड़ दिया है। शेमियाकिना को इस वर्ष रियो ओलम्पिक में जापान की नोजोमी साटो से हार का सामना करना पड़ा।
सैस 2010 में ईपी प्रतियोगिता में विश्व विजेता रह चुकी हैं और उन्होंने ओलम्पिक में 12 साल बाद स्वर्ण पदक जीता है।
बीजिंग 2008 और लंदन 2012 ओलम्पिक में उन्हें शुरुआती मुकाबलों में ही हार झेलनी पड़ी। हालांकि, रियो से उनकी वापसी काफी भव्य रूप में होने वाली है।
इस स्पर्धा में चीन की सुन यिवेन ने कांस्य पदक जीता है। उन्होंने फ्रांस की लॉरेन रेम्बी को 15-13 से हराकर इस पदक पर कब्जा जमाया।
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