नई दिल्ली, 18 जुलाई (आईएएनएस)। भारतीय ओलम्पिक संघ (आईओए) के अध्यक्ष एन. रामचंद्रन ने सोमवार को कहा कि वह चाहते हैं कि भारत अगले महीने शुरू हो रहे रियो ओलम्पिक की पदक तालिका में दोहरी संख्या में पहुंचे।
भारतीय ओलम्पिक दल की आधिकारिक रवानगी के कार्यक्रम के मौके पर मौजूद रामचंद्रन ने देशवासियों से खिलाड़ियों पर उम्मीदों का अतिरिक्त दबाव न डालने की अपील भी की।
इस कार्यक्रम में हिंदी फिल्म जगत के सितारे सलमान खान और संगीतकार ए. आर. रहमान भी मौजूद थे। दोनों ओलम्पिक के लिए भारत के सद्भावनादूत नियुक्त किए गए हैं। केंद्रीय खेल मंत्री विजय गोयल भी इस कार्यक्रम में मौजूद रहे।
कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बात करते हुए रामचंद्रन ने कहा, “मैं आपको सही आंकड़े तो नहीं बता सकता, लेकिन मुझे दहाई के अंकों में पदक मिलने की उम्मीद है।”
उन्होंने कहा, “अगर आप चाहते हैं कि खिलाड़ी अच्छा करें तो उन पर दबाव न बनाएं। उन पर दबाव बनाने का मतलब है कि आप उनका ध्यान भंग कर देंगे। इसलिए उन्हें खेल का आनंद उठाने दीजिए और अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने दीजिए।”
रामचंद्रन ने कहा कि वह चहाते हैं कि अमेरिकी ओलम्पिक संघ की तरह आत्मनिर्भर बने।
उन्होंने कहा, “अगले कुछ वर्षो में मैं चाहता हूं कि आईओए अमेरिकी ओलम्पिक संघ की तरह काम करे। अमेरिकी संघ आर्थिक मदद के लिए सरकार पर निर्भर नहीं है।”
उन्होंने कहा, “मैं नहीं जानता की यह मेरे कार्यकाल के दौरान होगा या नहीं, लेकिन मैं चाहता हूं कि आईओए अपने लिए फंड की व्यवस्था खुद करे। इस समय आइओ की ब्रांड वैल्यू 500 करोड़ रुपये है।”
खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए आईओए के अध्यक्ष ने कहा, “यह सिर्फ पदक जीतने की बात नहीं है, इससे भी बड़ी बात है कि आपने ओलम्पिक के लिए क्वलीफाई किया है। यह बहुत बड़ी बात है।”
सलमान और रहमान ने यहां खिलाड़ियों को किट प्रदान की और ब्राजीलियाई महानगर रियो डी जनेरियो में होने वाले खेलों के महाकुंभ के लिए शुभकामनाएं भी दीं।
सलमान ने कहा, “कुछ दबाव में खेलते हैं तो उन्हें खेलने दो, लेकिन जो भी दबाव नहीं झेल पाता वह दबाव न ले। आप अपना सर्वश्रेष्ठ दें। बहुत सारी दुआएं आपके साथ हैं। आप वहां जाकर अच्छा खेलें और बाकी ऊपर वाले पर छोड़ दें।”
सलमान ने खिलाड़ियों से कहा, “हम कुछ महीने पहले मिले थे। मैं आप सभी को देख कर काफी खुश हूं, लेकिन आप जितनी देर से वापस लौट सकते हो उतनी देर से वापस लौटें।”
सलमान को सद्भावनादूत नियुक्त किए जाने पर आईओए की आलोचना करने वाले लंदन ओलम्पिक-2012 के कांस्य पदक विजेता पहलवान योगेश्वर दत्त ने हालांकि इस कार्यक्रम में अज्ञात कारणों से शिरकत नहीं की।
योगेश्वर ने कहा था कि पी. टी. ऊषा और मिल्खा सिंह जैसे महान खिलाड़ियों को ओलम्पिक का सद्भावनादूत बनाने में सलमान से ऊपर तरजीह दी जानी चाहिए थी।
ऑस्कर पुरस्कार विजेता संगीतकार रहमान ने भी खिलाड़ियों को अच्छे प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित किया।
रहमान ने कहा, “खेल और संगीत लोगों को जोड़ते हैं। भारत के लिए एक होने का और अपना दम दिखाने का यह सही समय है। हम सबसे युवा राष्ट्र हैं। भारत में ज्यादा से ज्यादा युवा खेल को अपना करियर बना रहे हैं।”
उन्होंने कहा, “याद रखिए इस दुनिया में नामुमकिन कुछ भी नहीं है, अगर आप अपना दिमाग और ऊर्जा लगाते हैं तो आप सब कुछ हासिल कर सकते हैं। सबसे अहम बात है निरंतरता और कभी न हार मानना।”
रहमान ने कहा, “एक समय भारत के लिए ग्रैमी और ऑस्कर नामुमकिन लगते थे, लेकिन समय आया और हमने यह अवॉर्ड हासिल किए। भगवान और देशवासियों के आर्शिवाद से दुनिया को हमारी ताकत दिखाएं।”
रहमान ने रियो जा रहे 100 से अधिक एथलीटों के सम्मान में अपने लोकप्रिय गीत ‘जय हो..’ और ‘कोई हमसे जीत न पावे चले चलो..’ भी गाए।”
यह ओलम्पिक में भारत का अब तक का सबसे बड़ा दल है, जिसमें कुल 121 खिलाड़ी शामिल हैं। इस दल में 67 पुरुष और 54 महिला खिलाड़ी शामिल हैं।
इस कार्यक्रम में आईओए के महासचिव राजीव मेहता, खेल सचिव राजीव यादव, आईओए के कोषाध्यक्ष अनिल खन्ना, भारतीय खेल प्राधिकरण के महानिदेशक इनजेती श्रीनिवास भी मौजूद थे।
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