रियो से हासिल अनुभव ने मुझे और समर्पित एथलीट बनाया : तैराक शिवानी (साक्षात्कार)

नई दिल्ली, 9 दिसम्बर (आईएएनएस)। रियो ओलम्पिक में हिस्सा लेने वाली भारत की युवा महिला तैराक शिवानी कटारिया पूरी शिद्दत से टोक्यो ओलम्पिक की तैयारियों में जुट चुकी हैं और उनका मानना है कि रियो से हासिल अनुभव उनके लिए आगे का रास्ता साफ करेगा और टोक्यो में 2020 में होने वाले ओलम्पिक खेलों में देश के लिए पदक जीतने प्रयास करेंगी।

नई दिल्ली, 9 दिसम्बर (आईएएनएस)। रियो ओलम्पिक में हिस्सा लेने वाली भारत की युवा महिला तैराक शिवानी कटारिया पूरी शिद्दत से टोक्यो ओलम्पिक की तैयारियों में जुट चुकी हैं और उनका मानना है कि रियो से हासिल अनुभव उनके लिए आगे का रास्ता साफ करेगा और टोक्यो में 2020 में होने वाले ओलम्पिक खेलों में देश के लिए पदक जीतने प्रयास करेंगी।

मौजूदा राष्ट्रीय और दक्षिण एशियाई चैम्पियन शिवानी ने रियो में 200 मीटर फ्रीस्टाइल स्पर्धा में हिस्सा लिया था लेकिन वह अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सकी थीं। वाइल्डकार्ड के जरिए रियो का टिकट हासिल करने वाली शिवानी ने अपनी स्पर्धा में 2.09.30 मिनट का समय निकाला था। वह अपनी स्पर्धा में कुल 42वें स्थान पर रही थीं। वैसे अपनी हीट में वह दूसरे स्थान पर रही थीं।

रियो से हासिल अनुभव के बारे में आईएएनएस से बात करते हुए शिवानी ने कहा, “रियो का सफर काफी रोमांचक था। जिस तरह का अनुभव मुझे रियो से मिला, उसने अपने खेल को लेकर मुझे और समर्पित बना दिया। दुनिया भर के एथलीटों से मिलने और उन्हें परफॉर्म करते हुए देखने के बाद मुझे लगा कि मुझे भी उनके जैसा बनना है। और रियो के समय से ही मुझे स्पीडो का सहयोग प्राप्त है, जो मुझे आरामदायक इक्पीपमेंट प्रदान करता है। ये सब बातें मुझे हमेशा अच्छा करने के लिए प्रेरित करती हैं।”

रियो ओलम्पिक के लिए चुने जाने के बाद स्पीडो एथलीट शिवानी ने थाईलैंड के फुकेट में प्रशिक्षण प्राप्त किया था। वह दिन में तीन बार अभ्यास करती थीं और उस दौरान उनका श्रेष्ठ समय 2.04.00 मिनट था लेकिन वह इस प्रदर्शन को रियो में पूल में नहीं उतार सकीं। अगर वह ऐसा करने में सफल होतीं तो रियो में उनकी अलग कहानी लिखी गई होती।

शिवानी ने कहा, ” मैं अब अपना समय बेहतर करने के लिए कृतसंकल्प हूं। मैं रियो में बेहतर नहीं कर सकी। मैं अपने समय से खुश नहीं हूं। अगर मैंने फुकेट का भी समय निकाला होता तो मुझे खुशी होती लेकिन इतने बड़े प्लेटफार्म पर हिस्सा लेते हुए कई बार युवा एथलीट नर्वस हो जाते हैं और शायद मैं भी नर्वस हो गई थी लेकिन मेरे लिए रियो का अनुभव ऐसा था कि मैं इसे शब्दों में बयां नहीं कर सकती। मैं हर दिन वर्ल्ड क्लॉस एथलीटों को अभ्यास करते देखती थी। मैं उनकी आदतों से काफी कुछ सीखती थी। मैंने हर दिन कुछ नया सीखा और मेरी जैसी कम उम्र की एथलीट के लिए यह सब काफी मायने रखता है।”

शिवानी ने कहा कि वह टोक्यो ओलम्पिक के लिए क्वालीफाई करने की प्रक्रिया में जुट गई हैं और लगातार अभ्यास कर रही हैं। बकौल शिवानी, “टोक्यो मेरा लक्ष्य है। मैं जोरदार मेहनत कर रही हूं। इन दिनों मैं बीएसी में अपने कोच प्रदीप कुमार के साथ अभ्यास कर रही हूं। कभी-कभी मैं फुकेट भी जाती हूं लेकिन फिलहाल मैंने ब्रेक ले रखा है। मैं हंसराज कॉलेज से बीए कर रही हूं। मेरी परीक्षा है और इसके बाद मैं फिर अभ्यास में जुट जाऊंगी।”

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