मुंबई, 28 अप्रैल (आईएएनएस)। अनिल अंबानी के नेतृत्व वाले समूह की कंपनी रिलायंस पॉवर ने मंगलवार को कहा कि उसने झारखंड के तिलैया में स्थित 3,960 मेगावाट अल्ट्रा मेगा परियोजना का बिजली खरीद समझौता रद्द कर दिया है।
इसका कारण बताते हुए कंपनी ने कहा कि समझौते की शर्त यह थी कि खरीदार फरवरी 2010 तक बिजली संयंत्र के लिए भूमि और कोयला खदान हस्तांतरित कर देगा साथ ही पर्यावरण और वन मंत्रालय से मिली मंजूरी भी सौंप देगा।
कंपनी ने एक बयान जारी कर कहा, “जरूरी भूमि अब तक उपलब्ध नहीं कराई गई है। यहां तक कि संबंधित क्षेत्र में स्थित वन भूमि भी नहीं दी गई है, जिसके लिए केंद्र सरकार ने नवंबर 2010 में ही दूसरे चरण की वन मंजूरी दे दी थी।”
बयान में कंपनी की संपूर्ण सहायक इकाई झारखंड इंटीग्रेटेड पावर लिमिटेड (जेआईपीएल) से संबंधित फैसले के बारे में कहा गया है, “जहां तक कोयला ब्लॉक की बात है, तो भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई है, जिसके लिए फरवरी 2009 में ही आवेदन पत्र जमा कर दिया गया था।”
बयान के मुताबिक, “इन तथ्यों पर गौर करते हुए जेआईपीएल ने खरीदार के साथ समझौता समाप्त करने का फैसला किया है। इस फैसले से रिलायंस पावर का भविष्य में होने वाला 36 हजार करोड़ रुपये का खर्च अब नहीं होगा।”
कंपनी ने कहा कि उसने राज्य सरकार के साथ साढ़े पांच साल तक वार्ता जारी रखी, जिसका कोई परिणाम नहीं निकला। इस दौरान 25 से अधिक समीक्षा बैठकें हुईं, लेकिन अधिकारियों की तरफ से बात आगे नहीं बढ़ पाई। कंपनी ने कहा कि मौजूदा अनुमान के मुताबिक परियोजना 2023-24 से पहले पूरी नहीं हो सकती।
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