मास्को, 28 जून (आईएएनएस)। फुटबाल की विश्व नियामक संस्था फीफा ने कहा है कि ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है, जिससे पता चलता हो कि रूस ने 2018 में होने वाले विश्व कप की मेजबानी हासिल करने के लिए फीफा की कार्यकारी समिति को रिश्वत दी हो।
समाचार एजेंसी स्पुतनिक के मुताबिक फीफा ने विश्व कप-2018 की मेजबानी रूस और विश्व कप-2022 की मेजबानी कतर को दिए जाने के संबंध में चल रही जांच की रिपोर्ट मंगलवार को सार्वजनिक की।
रिपोर्ट के अनुसार, “जांच में जो सबूत मिले हैं उनके अनुसार रूस की नीलामी लगाने वाली समिति ने फीफा की कार्यकारी समिति को जो तोहफे दिए थे, वह सिर्फ सांकेतिक थे। वहीं फीफा की कार्यकारी समिति के सदस्यों के सफर और रहने का खर्च भी रूस की समिति ने उठाया था, जो फीफा के नियमों के मुताबिक सही है।”
रिपोर्ट में कहा गया है कि ऐसे कोई सबूत नहीं मिले हैं जिनसे पता चलता हो कि रूस की तरफ से बोली लगाने वाली समिति और या रूस की सरकार ने मेजबानी के लिए किसी तरह का प्रलोभन फीफा को दिया हो।
एक साल तक चली जांच में फीफा ने तकरीबन 75 लोगों से पूछताछ की और 200,000 पेज सबूत के तौर पर इकट्ठे किए। हालांकि रिपोर्ट का पूरा हिस्सा पेश नहीं किया गया, जिसकी कई अधिकारियों ने आलोचना की है।
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