मॉस्को, 23 दिसम्बर (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को दो दिवसीय दौरे पर रूस की राजधानी पहुंचे, जहां वे 16वां भारत-रूस सालाना सम्मेलन में शिरकत करेंगे।
विमान से उतरने के बाद हवाईअड्डे पर उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।
दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच शिखर-सम्मेलन स्तरीय वार्ता के बाद कई क्षेत्रों में कई समझौते होने की उम्मीद है, जिनमें व्यापार मुख्य केंद्र में होगा।
मोदी व रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन क्रेमलिन में भारत व रूस के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (सीईओ) के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक भी करेंगे।
मोदी भारत के मित्रों की एक भीड़ को संबोधित करेंगे और रूस में भारतीय समुदाय के सदस्यों से मुलाकात भी करेंगे।
प्रधानमंत्री मॉस्को के नेशनल क्राइसिस मैनेजमेंट सेंटर (एनसीएमसी) का गुरुवार को दौरा करेंगे।
प्रस्थान से पहले एक बयान में मोदी ने कहा कि वह दौरे को लेकर बेहद आशावादी हैं।
मोदी ने बयान में कहा, “आज मैं रूस के दौरे की शुरुआत करूंगा, जो सरकार के गठन के बाद मेरा रूस का पहला द्विपक्षीय दौरा है। इस दौरे के नतीजों को लेकर मैं बेहद आशावादी हूं।”
उन्होंने कहा, “भारत व रूस के बीच दशकों से घनिष्ठ संबंधों का इतिहास साक्षी है। रूस भारत का दुनिया में सबसे मूल्यवान मित्रों में से एक है।”
मोदी ने कहा, “मेरा दौरा भारत व रूस के बीच आर्थिक, ऊर्जा व सुरक्षा क्षेत्र में सहयोग को और गहरा करेगा। हम विज्ञान व प्रौद्योगिकी, खनन के क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़ाना चाहते हैं। भारत व रूस के बीच व्यापारिक संबंध और आगे बढ़ सकता है, जिससे न सिर्फ दोनों देशों को बल्कि पूरी दुनिया को फायदा होगा।”
उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रपति पुतिन के साथ व्यापक तौर पर विचार-विमर्श होगा।
प्रधानमंत्री ने कहा, “भारत में निवेश करने के आमंत्रण के लिए रूसी कारोबारियों के साथ बातचीत होगी। मैं ‘फ्रेंड्स ऑफ इंडिया’ नामक कार्यक्रम में भी शिरकत करूंगा। मैं इस बात को लेकर आश्वस्त हूं कि यह दौरा दोनों देशों के बीच के मजबूत संबंधों को और आगे बढ़ाएगा।”
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