रूस ने कहा कि दोनों देश इसका उपयोग उत्तर कोरिया (डीपीआरके) पर दबाव डालने के लिए कर रहे हैं।
रूस के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, “सभी पक्षों को इस मुद्दे पर संयम से काम करना चाहिए, न कि इसे इस तरह से भड़का देना चाहिए कि यह पूरे कोरिया प्रायद्वीप के लिए खतरा बन जाए।”
रूसी विदेश मंत्रालय ने उत्तरो कोरिया को भी खबरदार करते हुए कहा कि वह स्वयं को पूर्ण रूप से अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के खिलाफ न करे। ऐसा होने पर उसके खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय कानून के तहत सैन्य बल के इस्तेमाल का आधार मिल जाएगा।
dharmpath.com dharmpath