मास्को, 7 नवंबर (आईएएनएस)। रूस में वर्ष 1941 के ऐतिहासिक परेड की 75वीं वर्षगांठ मनाने के लिए करीब 5000 रूसी जवानों और सैन्य कैडेटों ने सोमवार को मास्को के लाल चौराहे (रेड स्क्वोयर) पर मार्च किया।
समाचार एजेंसी एफे न्यूज के अनुसार, साल 1941 में बोल्शेविक क्रांति की 24वीं वर्षगांठ मनाने के लिए सैनिकों ने रेड स्क्वोयर से गुजरते हुए परेड किया था और इसके बाद मास्को के बाहर जर्मन सेना के साथ सीधी लड़ाई जारी रखी थी।
परेड में उस काल की वर्दी पहने सैनिक और उस समय के हथियारों से लैस थे। इस परेड में ऐसे 55 पुराने योद्धा भी शामिल थे, जिन्होंने 1941 के परेड में भाग लिया था।
कई इहिासकार इस घटना को उस समय मास्को की सुरक्षा के लिए अहम मानते हैं, क्योंकि इससे लाल सेना (रेड आर्मी) का मनोबल बढ़ा था।
मास्को के महापौर सर्गेई सोबयानिन ने द्वितीय विश्वयुद्ध के जीवित योद्धाओं का स्वागत करते हुए कहा, “आज हम उस ऐतिहासिक परेड में शामिल रहे और उस समय सीमा लड़ाई लड़ने वाले सभी योद्धाओं के प्रति अनंत आदर और कृतज्ञता जाहिर करते हैं।”
स्मारक परेड के बाद रेड स्क्वोयर फिर से खोल दिया गया और यह खुली हवा में संग्रहालय बन गया। यहां मास्कोवासी और पर्यटकों ने द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान रूसी सेना द्वारा इस्तेमाल किए गए हथियार व कुछ पुराने सामान का दीदार किया।
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