रूस के प्रवक्ता दमित्रि पेस्कोव ने कहा, “इस बयान से लग रहा है कि नाटो तेजी से उस दौर की ओर बढ़ रहा है, जिसके बारे में हम जानते हैं कि वह बीत चुका है।”
पेस्कोव ने कहा कि नाटो एक गठबंधन सेना है, जिसकी स्थापना मुकाबले के लिए हुई है और इसका उद्देश्य यूरोप में शांति एवं स्थिरता सुनिश्चित करने में योगदान करना है।
उन्होंने कहा कि रूस को उसकी सीमाओं के चारों ओर नाटो के विस्तार के लिए व्यवस्थित, सिलसिलेवार और सतत कदम उठाने चाहिए थे।
नाटो के महासचिव जेन्स स्टोल्टेनबर्ग ने बुधवार को कहा था कि नाटो ने विभिन्न देशों में अपनी सेनाएं बढ़ाकर पूर्वी भाग में अपनी उपस्थिति बढ़ाने का फैसला किया है।
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