यह समझौता ‘कॉमनवेल्थ ऑफ इंडिपेंडेंट स्टेट्स’ के बीच हुआ है, जो एक क्षेत्रीय संगठन है। इसका गठन सोवियत संघ के विघटन के दौरान हुआ था और इसमें सोवियत संघ से अलग हुए नौ स्वतंत्र देश शामिल हैं, जबकि दो इसके सहभागी देश (यूक्रेन व तुर्कमेनिस्तान) हैं।
रूस की सरकार ने शनिवार को जारी एक बयान में कहा कि यह समझौता शांतिपूर्ण प्रयोजनों के लिए परमाणु ऊर्जा के इस्तेमाल के संबंध में सदस्य देशों के सिद्धांतों को स्थापित करता है।
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