रेड डी हिमालया : पिता का सपना पूरा करेंगे श्रीलंकाई चालक जुनैद

शिमला, 6 अक्टूबर (आईएएनएस)। रेड डी हिमालया के 20वें संस्करण में हर साल की तरह इस साल भी विदेशों से काफी प्रतिभागी हिस्सा लेने आ रहे हैं और श्रीलंका के शफराज जुनैद भी उनमें से हैं, जो अपने पिता के सपने को पूरा करने के लिए दुनिया की इस कठिनतम रैलियों में से एक में हिस्सा लेने के लिए भारत पहुंच चुके हैं।

जुनैद के अलावा ब्रिटेन की सुजैन बुल, नेपाल के दीपक शाह और लंदन में रहने वाले भारतीय चालक अमित्राजीत घोष ऐसे चालक हैं, जो विदेशी प्रतिभागियों की सूची की अगुवाई करेंगे।

रेड डी हिमालया की शुरूआत आठ अक्टूबर से लेह में होगी और यह इस साल लद्दाख झांस्कार और कागरिल के चुनौतीपूर्ण रास्तों से गुजरते हुए 14 अक्टूबर को समाप्त होगा।

श्रीलंका के जुनैद अपने नेवीगेटर आमीर के साथ अपने निसान पिकअप ट्रक के साथ यहां पहुंच चुके हैं और अब उन्हें रेड में अपनी चमक दिखाने का इंतजार है।

आमीर अपने साथी और मुख्य चालक जुनैद के साथ उनके पिता फैजल जुनैद के सपने को पूरा करने आए हैं। फैजल श्रीलंका के मशहूर रैली चालक कासिल वहाब के नेवीगेटर हुआ करते थे। सालों तक फैजल और कासिल ने रेड डी हिमालया में हिस्सा लेने का सपना बुना। यह सिलसिला 1981 से 1990 तक चला।

जुनैद और आमीर एक सप्ताह से लेह में हैं और इस दौरान वे अपने आप को हाई एटीट्यूड रैलिंग के लिए तैयार कर रहे हैं।

जुनैद ने कहा, “लगभग दो दशक पहले मैंने रैलिंग शुरू की। आमीर लंबे समय से मेरे नेवीगेटर हैं। मेरे पिता हिमालय में रैलिंग करना चाहते थे और उनका यह सपना हमेशा मेरे साथ रहा। बीते साल भी हमने रेड डी में हिस्सा लेने की काफी कोशिश की लेकिन सफल नहीं हो सके। इस साल हम आखिरकार यहां पहुंच गए।”

जुनैद और आमीर पिछले वर्ष चिकमंगलूर के कॉफी डे रैली में तीसरे स्थान पर रहे थे। यह रैली एशिया पैसेफिक रैली चैम्पियनशिप का एक हिस्सा है। आमीर ने कहा, ” प्रेड के लिए व्यक्तिगत तौर पर आना काफी कठिन है। हमने यहां आने के लिए अपना बजट बढाया और पैसे जमा किए। हमारा टारगेट रेड को फिनिश करना है।”

वहीं अमित्राजीत घोष भी पहली बार रेड में हिस्सा ले रहे हैं। घोष पांच साल पहले इंग्लैंड जाकर बस गए थे। उनका लक्ष्य अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मोटरस्पोर्ट्स को जारी रखना था।

घोष ब्रिटिश रैली चैम्पियनशिप में पोडियम फिनिश करने वाले एकमात्र भारतीय हैं। वह यूरोपीयन रैली चैम्पियनशिप राउंड ग्रीसद्ध में जीत भी हासिल कर चुके हैं। इसके अलावा वह लातवियन रैली चैम्पियनशिप में शीर्ष-5 में शामिल थे। घोष रेड में महेंद्रा टीम के लिए रेस करेंगे।

नेपाल के दीपक शाह और ब्रिटेन की सुजैन बुल भी एक्सट्रीम मोटो कटेगरी में हिस्सा ले रही हैं। बुल ऋषिकेश में एक बंगी जम्पिंग सेट अप की प्रबंधक हैं और उनका भारत तथा स्विट्जरलैंड आना-जाना लगा रहता है। बुल छह साल से भारत में हैं और उन्होंने यहां आने के बाद मोटरसाइकिल चलाना सीखा है।

बुल ने कहा, “मुझे यह साबित करना है कि मैं इस तरह की कठिन रैली में हिस्सा ले सकती हूं।”

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