यूपी के अलग-अलग हिस्सों से हजारों सफाई कर्मचारी सुबह से ही चारबाग में जमा होने लगे। यहांसड़क पर लेटकर कपड़े उतार दिए और जमकर बवाल किया। पुलिस ने सड़क खाली करनी चाही तो प्रदर्शनकारी उग्र हो गए। इस दौरान दोनों पक्षों में तीखी नोकझोंक भी हुई। इसके बाद सभी लोग नारेबाजी करते हुए लोकभवन के सामने पहुंचे।
संगठन के प्रदेश अध्यक्ष क्रांति सिंह ने पंचायती राज विभाग में पढ़े लिखे सफाई कर्मचारी को प्रोन्नत किए जाने की मांग उठाई। उन्होंने कहा, “बीस प्रतिशत कोटे का प्रस्ताव शासन को निदेशालय द्वारा भेजा गया, जिस पर अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया गया। इसे तुरंत लागू किया जाए।”
प्रदेश महामंत्री रामेंद्र कुमार ने बताया कि 1900 ग्रेड पे न मिलने कारण सातवें पे कमीशन पर सफाई कर्मचारियों को भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारियों से गांवों में बंधुआ मजदूरों की तरह काम लेकर आज भी ग्राम प्रधान से पे-रोल पर हस्ताक्षर कराया जा रहा है। इस व्यवस्था को समाप्त किया जाए। खबर लिखे जाने तक प्रदर्शनकारी शासन स्तर पर वार्ता कराए जाने के मिले आश्वासन के चलते लोक भवन के सामने एकजुट थे।
पंचायती राज सफाई कर्मचारियों के राजधानी मंे प्रदर्शन के चलते शहर की रफ्तार रुक गई। प्रदर्शन से शहर की यातायात व्यवस्था ध्वस्त हो गई। शॉर्टकट के चक्कर में लोग गलियों में घुसे इससे गलियां भी चोक हो गईं। चौराहों और कटों पर पुलिस न मौजूद होन से भयंकर जाम की स्थिति बनी रही। प्रदर्शन की पूर्व सूचना के बाद भी प्रशासन की कोई तैयारी नहीं थी इसके चलते शहरवासियों को दिक्कत का सामना करना पड़ा।
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