रोम, 15 सितंबर (आईएएनएस)। एक दशक से अधिक समय तक निरंतर गिरावट के बाद वैश्विक भूख एक बार फिर से बढ़ रही है, जिस कारण वर्ष 2016 में 81.5 करोड़ (वैश्विक आबादी का 11 प्रतिशत) लोग प्रभावित हुए। रोम स्थित संयुक्त राष्ट्र खाद्य एजेंसियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
विश्व खाद्य सुरक्षा और पोषण पर संयुक्त राष्ट्र की वार्षिक रिपोर्ट के एक नए संस्करण में खाद्य और कृषि संगठन (एफएओ), कृषि विकास के लिए अंतर्राष्ट्रीय निधि (आईएफएडी) और विश्व खाद्य कार्यक्रम (डब्ल्यूएफपी) समेत अन्य संगठनों ने यह चेतावनी दी है।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ न्यूज के मुताबिक, इन एजेंसियों ने कहा, “कुपोषण के कई रूप दुनियाभर में लाखों लोगों के स्वास्थ्य के लिए खतरा बने हुए हैं।”
विश्व में खाद्य सुरक्षा और पोषण की स्थिति 2017 की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले वर्ष के मुकाबले इस वर्ष 3.8 करोड़ की बढ़ोतरी हुई है। इसका सबसे बड़ा कारण हिंसक संघर्ष और जलवायु संबंधी झटके हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि पांच वर्ष से कम उम्र के 15.5 करोड़ बच्चे अविकसित हैं, जबकि 5.2 बच्चे लगातार कमजोर हो रहे हैं, मतलब उनका वजन उनकी लंबाई के हिसाब से बहुत कम है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि अनुमान के अनुसार, 4.10 करोड़ बच्चे अब अधिक वजन वाले हैं और महिलाओं में एनीमिया एवं वयस्कों में मोटापा भी चिंता का कारण है।
रिपोर्ट में आगे कहा गया है, “ये प्रवृत्तियां न केवल संघर्ष और जलवायु परिवर्तन, बल्कि आहार की आदतों में भी भारी बदलाव के साथ-साथ आर्थिक मंदी का भी परिणाम है।”
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