लागत बढ़ने से सीमेंट कंपनियों के लाभ घटे : आईसीआरए

नई दिल्ली, 3 जनवरी (आईएएनएस)। सीमेंट कंपनियों की ऊर्जा और ढुलाई लागत बढ़ने के अलावा पेट कोक, कोयला और डीजल की कीमतों में वित्त वर्ष 2018 की पहली छमाही में बढ़ोतरी होने से ज्यादातर बड़ी सीमेंट कंपनियां (दक्षिण भारत की सीमेंट कंपनियों को छोड़कर) दबाव में हैं। इससे आनेवाली तिमाहियों में भी सीमेंट कंपनियों के मुनाफे और कर्ज पर दबाव जारी रहेगा। आईसीआरए रेटिंग्स ने बुधवार को यह आकलन जारी किया है।

आईसीआरए रेटिंग्स के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और समूह प्रमुख सब्यसाची मजुमदार ने कहा, “पेट की कीमतों में वित्त वर्ष 2018 की पहली छमाही में साल-दर-साल आधार पर 32 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है। इसके साथ ही कोयले की कीमत में साल-दर-साल आधार पर 44 फीसदी और डीजल की कीमत में सात फीसदी वृद्धि हुई है, जिससे उनका ईंधन पर होनेवाला खर्च बढ़ गया है। इससे सीमेंट कंपनियों का परिचालन मुनाफा दवाब में है। वहीं, वित्त वर्ष 2018 में भी बिजली, ईंधन और माल ढुलाई की लागत ऊंची रहने की संभावना है। इससे सीमेंट कंपनियों के लाभ और कर्ज पर असर पड़ेगा। इसलिए, सीमेंट की कीमतों में वृद्धि को रोकने की कंपनियों की क्षमता लाभ के परिप्रेक्ष्य से महत्वपूर्ण है।”

इसके अलावा, सर्वोच्च न्यायालय ने 2017 में प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए कई उत्तरी राज्यों में पेट कोक के प्रयोग पर प्रतिबंध लगा दिया है। इससे ज्यादातर सीमेंट कंपनियों की निर्भरता कोयले पर बढ़ गई है।

मांग के मोर्चे पर, सीमेंट की मांग में वित्त वर्ष 2018 में एक-दो फीसदी की मामूली वृद्धि देखी गई। केवल चौथी तिमाही में ही इसमें तेजी दर्ज की गई है। वित्त वर्ष 2018 के पहले सात महीनों में सीमेंट की मांग कमजोर बनी रही, जिसका प्रमुख कारण रियल एस्टेट क्षेत्र में छाई मंदी रही।

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