लापता सैन्य विमान का 5वें दिन भी कोई सुराग नहीं (राउंडअप)

चेन्नई/नई दिल्ली, 26 जुलाई (आईएएनएस)। भारतीय वायु सेना के लापता परिवहन विमान एएन-32 की तलाश पांचवें दिन मंगलवार को भी जारी रही और रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने कहा है कि चार-पांच संकेतों के आधार पर चल रही तलाशी का भी कोई नतीजा नहीं निकल सका है।

अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि 22 जुलाई को बंगाल की खाड़ी के ऊपर से उड़ान भरने के दौरान लापता हुए विमान का गहन तलाशी अभियान के बावजूद अब तक कोई सुराग नहीं मिल सका है।

विमान में चालक दल के छह सदस्यों सहित कुल 29 लोग सवार थे। हालांकि वायु सेना ने अब तक उन 29 यात्रियों के नामों का खुलासा नहीं किया है।

पर्रिकर ने यहां पत्रकारों से कहा कि विमान की तलाश में लगी एजेंसियों ने किसी तरह का संपर्क-सूत्र या समुद्र के किसी हिस्से से आने वाली ध्वनियों पर अपना ध्यान केंद्रित किया हुआ है।

रक्षा मंत्री ने एएन-32 विमान की तकनीकी क्षमता को लेकर आई खबरों का खंडन किया और कहा यह विमान भारतीय वायु सेना के सबसे सुरक्षित विमानों में से है।

पर्रिकर ने विमान बचाव कार्य की जानकारी देते हुए पत्रकारों से कहा, “वायु सेना के लापता विमान की तलाश में सारे संसाधन लगा दिए गए हैं, लेकन अब तक सारे प्रयास विफल साबित हुए हैं।”

उन्होंने बताया कि मॉरिशस से समुद्र की गहराई में जाकर अनुसंधान करने के काम आने वाली अत्याधुनिक पनडुब्बी ‘सागर निधि’ को इस अभियान के लिए मंगवाया गया है।

पर्रिकर ने तटरक्षक बल के अधिकारियों के उस बयान का भी खंडन किया जिसमें कहा गया था कि तटरक्षक बल के डॉर्नियर विमानों में इमरजेंसी लोकेटर ट्रांसमिटर काम नहीं करता।

पर्रिकर ने कहा, “मेरे खयाल से पनडुब्बी ने अंतत: डॉर्नियर विमान को बीप की ध्वनि से लोकेट कर लिया था। शुरुआत में हो सकता है कि गहराई के कारण ध्वनि न आए, लेकिन पनडुब्बी जब पास पहुंचती है तो वह उसे लोकेट कर लेती है।”

हालांकि रक्षा मंत्री ने बताया कि लापता एएन-32 विमान से अब तक किसी तरह की बीप की ध्वनि नहीं सुनाई दी है।

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) भी अपने रडार इमेजिंग उपग्रह के जरिए लापता विमान का सुराग तलाशने की कोशिश कर रहा है।

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